राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने 17 सूत्री मांगों को लेकर किया एकदिवसीय धरना प्रदर्शन

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राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने 17 सूत्री मांगों को लेकर किया एकदिवसीय धरना प्रदर्शन


अररिया 05 फरवरी(हि.स.)।राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने गुरुवार को अपने 17 सूत्री मांगों को लेकर एकदिवसीय धरना प्रदर्शन समाहरणालय परिसर में किया।मांगों के समर्थन में धरना दे रहे कर्मचारी तख्तियां थामे हुए थे।

धरना दे रहे कर्मचारियों ने बताया कि यह धरना पुरानी मांगों के पूरा न होने और नई समस्याओं के विरोध में दिया गया है।आरोप लगाया कि लगभग दस वर्ष पूर्व अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह सहित उच्चाधिकारियों के साथ हुए समझौते के कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं।समझौते में दस वर्ष की सेवा पूरी करने पर स्पेशल प्रमोशन और 15 वर्ष पर मोडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन की मांग अब तक लंबित है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार इन वादों को पूरा करने से पीछे हट रही है।

कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार न केवल पुरानी मांगों को लागू नहीं कर रही, बल्कि उन पर प्रतिदिन नए-नए कार्यों का बोझ बढ़ा रही है।

राजस्व कर्मचारियों की मांगों में राजस्व कर्मचारियों के कैडर को जिला स्तर का बनाए रखना शामिल है। कर्मचारियों का कहना है कि उनका कैडर जिला स्तर का होने के बावजूद उन्हें राज्य स्तर का बनाकर दूर स्थानांतरित कर दिया गया है। जबकि नव नियुक्त कर्मचारियों को गृह जिला या आसपास के जिलों में ही पोस्टिंग है।वेतनमान में सुधार भी एक महत्वपूर्ण मांग है। वर्तमान में राजस्व कर्मचारियों का पे ग्रेड अन्य विभागों की तुलना में सबसे कम है, जिसे कम से कम लेवल-28 तक करने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को 4200 ग्रेड पे देने की भी मांग की गई है।कर्मचारियों ने छुट्टियों और त्योहारों पर अनावश्यक ड्यूटी लगाने और डाक डालने की प्रथा को बंद करने की भी मांग की।

राजस्व कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द मांगों पर ध्यान नहीं देती तो आगे और सशक्त आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। कर्मचारी संगठन ने स्पष्ट किया कि वे काम करने के लिए तैयार हैं, लेकिन उचित सम्मान,वेतन और सेवा शर्त की जो मांग है,उसे पूरा किया जाय।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

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