बिहार में बनेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सिलेंस, एआईसीओई कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी
पटना, 16 जुलाई (हि.स.)। बिहार सरकार ने राज्य को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई) के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने बिहार राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एआईसीओई) कॉरपोरेशन के गठन तथा इससे संबंधित मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (एमओए) और आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन (एओए) को मंजूरी दे दी है। इस पहल से राज्य में एआई आधारित अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।
बिहार के सूचना प्रावैधिकी विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने गुरुवार को विभागीय मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि सरकार बिहार को तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) स्थापित किए जाएंगे, जो अनुसंधान, नवाचार, उद्योग, शिक्षा और शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेंगे।
उन्होंने कहा कि एआईसीओई कॉरपोरेशन राज्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित आधुनिक तकनीकों के विकास, संचालन और विस्तार के लिए एक सशक्त संस्थागत ढांचा तैयार करेगा। इसके माध्यम से हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सुविधाएं, क्लाउड प्लेटफॉर्म, डेटा प्लेटफॉर्म तथा अत्याधुनिक डिजिटल अवसंरचना का विकास और प्रभावी प्रबंधन किया जाएगा। इससे शोध संस्थानों, स्टार्टअप, उद्योगों और सरकारी विभागों को विश्वस्तरीय तकनीकी संसाधन उपलब्ध होंगे।
मंत्री ने कहा कि इस पहल से एआई और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों पर आधारित स्टार्टअप तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं, उद्यमियों और शोधकर्ताओं के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा, जिससे राज्य में रोजगार सृजन, तकनीकी उद्यमिता और डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने बताया कि एआईसीओई के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उससे जुड़े क्षेत्रों में क्षमता निर्माण, शिक्षा तथा कौशल विकास को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं, हैकाथॉन, अनुसंधान परियोजनाएं तथा उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप दक्ष बनाया जा सके।
नीतीश मिश्रा ने कहा कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में एआई आधारित समाधानों के विकास, क्रियान्वयन और व्यापक उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनेगी। साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, शहरी विकास, उद्योग तथा अन्य क्षेत्रों में तकनीक आधारित सेवाओं का विस्तार होगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एआईसीओई) कॉरपोरेशन का गठन राज्य के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा और बिहार को देश के प्रमुख एआई नवाचार केंद्रों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी

