भूमि-अर्जन मामलों के त्वरित निस्तारण को नौ प्रमंडलों में पीठासीन पदाधिकारियों की नियुक्ति
किशनगंज, 07 अगस्त (हि.स.)। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन से जुड़े मामलों के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के लिए राज्य के सभी नौ प्रमंडलीय मुख्यालयों में संचालित प्राधिकरणों के लिए नए पीठासीन पदाधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। विभाग की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि नियुक्ति का उद्देश्य भूमि-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन से संबंधित विवादों का शीघ्र निपटारा कर प्रभावित लोगों को समय पर न्याय उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि राज्य के पटना, मुजफ्फरपुर, सारण, दरभंगा, भागलपुर, मुंगेर, पूर्णिया, गया और कोशी (सहरसा) प्रमंडल स्थित प्राधिकरणों में सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों तथा अन्य न्यायिक अधिकारियों को पीठासीन पदाधिकारी बनाया गया है।
जारी अधिसूचना के अनुसार अली अहमद को मुजफ्फरपुर, सम्पूर्णानंद तिवारी को सारण, देवराज त्रिपाठी को दरभंगा, विजय आनंद तिवारी को भागलपुर, विनोद कुमार तिवारी को गया, राकेश मालवीय को मुंगेर, राधे श्याम शुक्ला को पूर्णिया, हसमुद्दीन अंसारी को कोशी (सहरसा) तथा हेमंत कुमार त्रिपाठी को पटना प्रमंडल के भूमि-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण में पीठासीन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
मंत्री ने बताया कि सभी पीठासीन पदाधिकारियों का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो भी पहले हो, रहेगा। सभी अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर संबंधित कार्यालय में योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने कहा कि नियुक्त अधिकारी भूमि-अर्जन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन से जुड़े विवादों की सुनवाई, मुआवजा संबंधी मामलों के निस्तारण तथा संबंधित अधिनियम के तहत संदर्भित मामलों पर निर्णय लेने के लिए अधिकृत होंगे। सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से भूमि-अर्जन से जुड़े लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी आएगी, मुआवजा वितरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध होगी तथा प्रभावित किसानों एवं भूमि मालिकों को शीघ्र न्याय मिल सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

