सुपौल के राघोपुर रेफरल अस्पताल में बड़ा खुलासा: एएनएम की जगह पति करता मिला इलाज, वीडियो वायरल

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सुपौल के राघोपुर रेफरल अस्पताल में बड़ा खुलासा: एएनएम की जगह पति करता मिला इलाज, वीडियो वायरल


सुपौल के राघोपुर रेफरल अस्पताल में बड़ा खुलासा: एएनएम की जगह पति करता मिला इलाज, वीडियो वायरल


सुपौल, 17 अप्रैल (हि.स.)। जिले के राघोपुर रेफरल अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक एएनएम की मौजूदगी में उसका पति मरीज का इलाज करता हुआ कैमरे में कैद हो गया। घटना का वीडियो सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले की जांच की बात कही जा रही है।

जानकारी के अनुसार, एनएच-106 पर रतनपुरा थाना क्षेत्र के रतनपुरा पेट्रोल पंप के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर रतनपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और खून से लथपथ घायल युवक को उठाकर तुरंत राघोपुर रेफरल अस्पताल पहुंचाया।

घायल युवक की पहचान भगवानपुर वार्ड संख्या 11 निवासी 32 वर्षीय मनोज सादा के रूप में हुई है। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक डॉ. राजेंद्र गुप्ता ने उसका इलाज शुरू किया। समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने के कारण उसकी जान बचाने की कोशिश की जा रही है और उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

इसी दौरान अस्पताल में एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एएनएम ड्रेस में एक महिला मौजूद थी, लेकिन उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी घायल के इलाज में सक्रिय रूप से शामिल था। वायरल वीडियो में वह व्यक्ति घायल के जख्म पर टांके लगाते हुए दिखाई दे रहा है।

जांच में सामने आया कि इलाज कर रहा व्यक्ति कोई प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी नहीं, बल्कि एक निजी स्कूल का शिक्षक पवन कुमार है। बताया जा रहा है कि वह नर्स शिवानी मरांडी का पति है और कई बार उसकी जगह या उसके साथ मिलकर मरीजों का इलाज करता है।

इस खुलासे के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बिना चिकित्सीय योग्यता के किसी व्यक्ति द्वारा मरीज का इलाज करना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि मरीजों की जान से खिलवाड़ भी माना जा रहा है।

घटना को लेकर स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों में भी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर आम जनता का भरोसा कमजोर होता है।

मामले पर राघोपुर रेफरल अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीप नारायण राम ने कहा कि वायरल वीडियो की जानकारी मिली है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग स्वास्थ्य विभाग से त्वरित और कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र

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