रजिस्ट्री ऑफिस का अमृतधारा पेयजल केंद्र बदहाल, 16 वर्षों से उपेक्षा का शिकार
किशनगंज, 06 अगस्त (हि.स.)। जनसेवा के उद्देश्य से स्थापित सार्वजनिक सुविधाओं की उपेक्षा का एक उदाहरण शहर के रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में देखने को मिल रहा है। मारवाड़ी युवा मंच द्वारा करीब 16 वर्ष पूर्व स्थापित कराया गया 'अमृतधारा' शीतल पेयजल केंद्र आज जर्जर हालत में पड़ा है। जहां कभी लोगों को स्वच्छ और ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाता था, वहां अब गंदगी, टूटे नल और बंद पड़ी जलापूर्ति नजर आती है।
गौर करे कि रजिस्ट्री कार्यालय परिसर में प्रतिदिन जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सैकड़ों लोग जमीन की रजिस्ट्री, दस्तावेजों के सत्यापन और अन्य सरकारी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक (कातिब) और विभागीय कर्मचारी भी पूरे दिन परिसर में मौजूद रहते हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
पेयजल केंद्र पर लगी उद्घाटन पट्टिका के अनुसार, मारवाड़ी युवा मंच किशनगंज द्वारा निर्मित इस केंद्र का उद्घाटन 21 अगस्त 2010 को तत्कालीन जिलाधिकारी संदीप कुमार आर. पुडकलकुट्टी ने किया था। इस अवसर पर तत्कालीन जिला अवर निबंधक पदाधिकारी राज कृष्ण झा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उस समय इस सामाजिक पहल की व्यापक सराहना हुई थी, लेकिन वर्षों से रखरखाव के अभाव में इसकी स्थिति बदहाल हो गई है। वर्तमान में पेयजल केंद्र के आसपास गंदगी फैली हुई है। दीवारों पर सीलन और पपड़ी जम चुकी है, पाइप व नल जर्जर होकर टूट चुके हैं तथा जलापूर्ति पूरी तरह बंद है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक सुविधाओं का नियमित रखरखाव संबंधित संस्था और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। स्थानीय नागरिकों, अधिवक्ताओं और कार्यालय आने वाले लोगों ने मारवाड़ी युवा मंच तथा जिला प्रशासन से 'अमृतधारा' पेयजल केंद्र का शीघ्र जीर्णोद्धार कर इसे दोबारा चालू कराने की मांग की है, ताकि प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिल सके।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

