विश्व प्रसिद्ध राजगीर मलमास मेला की सभी तैयारियां पूरी ,550 सीसीटीवी व ड्रोन से होगी निगरानी

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विश्व प्रसिद्ध राजगीर मलमास मेला की सभी तैयारियां पूरी ,550 सीसीटीवी व ड्रोन से होगी निगरानी


नालंदा, बिहारशरीफ 16 मई (हि.स.)। बिहार में नालंदा जिले के राजगीर में आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध राजकीय मलमास मेला को लेकर नालंदा जिला प्रशासन ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। 1 7 मई यानी रविवार से शुरु हो रहे इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक महा आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय नजर आ रहा है।प्रशासन ने इसके लिए 550 सीसीटीवी व ड्रोन की व्यवस्था की है जो 24 घंटे निगरानी करेगी।

इसी क्रम में शनिवार को नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने राजगीर पहुंचकर मेला क्षेत्र का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया तथा विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात, चिकित्सा, पेयजल, स्वच्छता, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन और संचार व्यवस्था सहित तमाम महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि मलमास मेला के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मेला नालंदा जिले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान है और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा तथा सुगम आवागमन सुनिश्चित करना है। इसके लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य किया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान प्रशासन द्वारा आपदा प्रबंधन एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का भी आयोजन किया गया। इस दौरान भगदड़, आग लगने, जल दुर्घटना और अन्य संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारी का व्यवहारिक प्रदर्शन किया गया।

मॉक ड्रिल में पुलिस बल, आपदा मित्र, अग्निशमन दल तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लिया। जिलाधिकारी ने राहत एवं बचाव दलों को पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।प्रशासन के अनुसार मलमास मेला की शुरुआत 17 मई 2026 को कुंड परिसर में ध्वजारोहण के साथ होगी। मेला 15 जून 2026 तक चलेगा। इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु राजगीर पहुंचेंगे और ब्रह्मकुंड में आस्था की डुबकी लगाएंगे। नेपाल, श्रीलंका समेत कई देशों से भी पर्यटक और श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

प्रशासन द्वारा बताया गया कि मेले के दौरान तीन प्रमुख शाही स्नान तिथियां निर्धारित हैं। पहला शाही स्नान 27 मई को एकादशी के दिन, दूसरा 31 मई को पूर्णिमा के अवसर पर तथा तीसरा 11 जून को एकादशी के दिन होगा। इन तिथियों पर लगभग 2 से 2.5 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 21 मई पंचमी तथा 15 जून अमावस्या को भी अत्यधिक भीड़ उमड़ने की आशंका है। बड़ी संख्या में साधु-संतों के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने विशेष सुरक्षा और व्यवस्था की योजना बनाई है।श्रद्धालुओं के आवासन की दृष्टि से प्रशासन ने 14 बड़े आवासन स्थलों की व्यवस्था की है। इनमें 11 स्थानों पर जर्मन हैंगर और 3 स्थानों पर वाटरप्रूफ पंडाल बनाए गए हैं।

स्टेट गेस्ट हाउस मैदान में विशेष वीआईपी टेंट सिटी भी तैयार की गई है। यहां लगभग 6000 लोगों के ठहरने की क्षमता विकसित की गई है। आवासन स्थलों पर पंखा, कूलर, मिस्ट सिस्टम, पेयजल, शौचालय, रोशनी और सीसीटीवी कैमरों जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सभी आवासन स्थलों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगाया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रमोद पांडे

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