सीवान कचहरी में शपथ-पत्रों की विश्वसनीयता पर सवाल , जाली पहचान पत्र और स्कैन किए स्टांप के इस्तेमाल के आरोप
सीवान , 03 अक्टूबर (हि.स.)।
जिला कचहरी परिसर में शपथ-पत्र तैयार कराने और सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैंl
नोटरी बंधुओं ने कचहरी परिसर में सक्रिय कुछ कंप्यूटर-फोटोस्टेट दुकानदारों और टाइपिस्टों पर बिना अधिवक्ता की वास्तविक मौजूदगी के शपथ-पत्र तैयार कराने, फर्जी हस्ताक्षर करने, जाली पहचान पत्र लगाने और सरकारी न्यायिक व गैर-न्यायिक स्टांप/टिकट को स्कैन कर दोबारा इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोप लगाये हैंl
मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी जांच की मांग तेज हो गयी हैl नोटरी बंधुओं ने 8 नवंबर 2025 को जिलाधिकारी को आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की थीl
आवेदन में आरोप लगाया गया कि एसडीओ के समक्ष प्रस्तुत होने वाले शपथ-पत्रों पर संबंधित अधिवक्ता की वास्तविक उपस्थिति और सत्यापन के बिना हस्ताक्षर किये जा रहे हैंl
शपथकर्ताओं की पहचान साबित करने के लिए फर्जी आधार कार्ड और वोटर आइडी जैसे दस्तावेजों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया हैl
सबसे गंभीर आरोप सरकारी न्यायिक और गैर-न्यायिक टिकटों से जुड़ा हैl शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इन टिकटों को स्कैन कर एक ही टिकट का इस्तेमाल अलग-अलग शपथ-पत्रों में किया जा रहा हैl यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है, तो यह सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के साथ कानूनी दस्तावेजों की प्रमाणिकता पर भी गंभीर सवाल खड़ा करेगाl
इस मामले को लेकर 12 नवंबर 2025 को विधि विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग और निबंधन विभाग के वरीय अधिकारियों को भी पत्र भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की गयीl वहीं, 15 सितंबर 2026 को प्रयाग कुमार एवं अन्य की ओर से सहयोग पोर्टल पर REF845232 नंबर से शिकायत दर्ज करायी गयीl
हालांकि, शिकायत पर एसडीओ, सीवान सदर की ओर से दिये गये जवाब में कहा गया कि उनके कार्यालय में शपथ-पत्रों की गहन जांच की जाती हैl कुछ शपथ-पत्रों की यादृच्छिक पुनः जांच में फर्जी स्टांप/टिकट अथवा फर्जी पहचान पत्र का मामला संज्ञान में नहीं आया हैl
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जालसाजी करने वाला कोई व्यक्ति पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगीl इसी बीच एक अन्य मामले ने जांच की जरूरत और बढ़ा दी हैl
अनुमंडल दंडाधिकारी, सीवान सदर ने जिला अधिवक्ता संघ को पत्र भेजकर लोगों द्वारा क़ी गई ऐसी शिकायत की जांच रिपोर्ट मांगी है, जिसमें सात शपथकर्ताओं की मृत्यु पहले ही हो चुकी थी, फिर भी उनके नाम से शपथ-पत्रों पर पहचान सत्यापित कर दस्तावेज निर्गत होने का आरोप लगाया गया हैl
अब निगाहें प्रशासन की निष्पक्ष जांच पर टिकी हैंl जांच से ही स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन हैंl
जवाहर चौधरी, प्रधान सहायक, सीवान जिला अधिवक्ता संघ ने बताया कि अनुमंडल दंडाधिकारी सीवान द्वारा मृत व्यक्तियों द्वारा किए गए 7 शपथ पत्र के संबंध में जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। जांच में सभी अधिवक्ताओं के सिग्नेचर एवं एनरोलमेंट नंबर गलत पाया गया। कुछ शपथ पत्रों में सिग्नेचर स्पष्ट नहीं है।
अनुमंडल दंडाधिकारी सीवान अशुतोष गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में जिला अधिवक्ता संघ द्वारा कोई जवाब अभी तक नहीं आया है। जवाब आने के बाद इस संबंध में कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma

