आदिवासी नृत्य और झांकी रही आकर्षण के केन्द्र

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आदिवासी नृत्य और झांकी रही आकर्षण के केन्द्र


आदिवासी नृत्य और झांकी रही आकर्षण के केन्द्र


आदिवासी नृत्य और झांकी रही आकर्षण के केन्द्र


आदिवासी नृत्य और झांकी रही आकर्षण के केन्द्र


आदिवासी नृत्य और झांकी रही आकर्षण के केन्द्र


आदिवासी नृत्य और झांकी रही आकर्षण के केन्द्र


अररिया 13 सितम्बर(हि.स.)। फारबिसगंज के सांवलिया कुंज ठाकुरबाड़ी से निकले महावीरी झंडा शोभायात्रा जुलूस में आदिवासी नृत्य और विभिन्न देवी देवताओं की झांकियां आकर्षण का केन्द्र रही।

ढाक के थाप पर पैरों और हाथों में घुंघरू बांधकर संथाली समुदाय की महिला पुरुषों की आदिवासी लोक नृत्य श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा आकर्षित की। एक ताल और कदम से कदम मिलाकर किए गए नृत्य ने मौजूद लोगों और जुलूस देखने वालों को मंत्रमुग्ध किया।वहीं विभिन्न अखाड़ों की ओर से निकली झांकियां भी लोगों के बीच आकर्षण के केन्द्र रहे।

राधा-कृष्ण की जोड़ी,शिव तांडव, वासुदेव कृष्ण, वानर सेना के साथ हनुमानजी, शेर, भालू सहित अन्य जंगली जानवरों की झांकी के साथ नंदी के ऊपर काल भैरव का विराजमान झांकी ने लोगों को खूब भाया।

जुलूस में शामिल झांकियों ने श्रद्धालुओं को खूब आकर्षित किया। वहीं समूह में ढाक के साथ नृत्य को भी लोगों ने खूब सराहा।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

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