मजदूर अधिकारों की रक्षा के लिए हुई ऐक्टू की सभा

WhatsApp Channel Join Now
मजदूर अधिकारों की रक्षा के लिए हुई ऐक्टू की सभा


भागलपुर, 04 मई (हि.स.)। कॉरपोरेट परस्त लेबर कोड्स कानून और मजदूर अधिकारों पर लगातार हो रहे तीखे हमलों के खिलाफ 1 मई से जारी माहव्यापी मई अभियान के चौथे दिन सोमवार को ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) ने स्थानीय जगदेव चौक, आंधरी में सभा की। सभा में जगदीशपुर, नाथनगर और शाहकुंड प्रखंड के सीमावर्ती गांवों के सैकड़ों महिला – पुरुष मजदूरों ने शामिल होकर सामाजिक सुरक्षा में व्याप्त धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुटता का प्रदर्शन किया और लेबर कोड्स को रद्द करने की मांग की।

ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त ने सभा को संबोधित करते हुए केंद्र – राज्य सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों की विस्तृत जानकारी देते हुए संगठन की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने लेबर कोड्स कानून पर मोदी सरकार के झूठे प्रचार का भंडाफोड़ करते हुए कहा कि नए लेबर कोड्स कानून के लागू होने से श्रम सम्बन्धों में एक बड़ा बदलाव आया है जो पूंजीपतियों के पक्ष में है। यह नया कानून मजदूरों के शोषण को और अधिक बढ़ाएगा। वर्षों की लड़ाई से मजदूरों ने अपने लिए जो कुछ भी कानूनी सुरक्षा हासिल किया था। मोदी सरकार ने एक झटके में उसे खत्म कर दिया है। मजदूरों के सारे अधिकार छीन लिए गए। सरकार सिर्फ कॉरपोरेट घरानों और अपने पूंजीपति आकाओं के लिए काम करती है। महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रहे मजदूर पहले ही काफी परेशान है। सरकार की इस एकतरफा और मजदूर विरोधी उकसावेपूर्ण कार्रवाई को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने लेबर कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और धांधली का भरपूर विरोध करते हुए कहा कि लेबर ऑफिस भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। ऐप अपडेट करने के नाम पर मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा को हड़पा जा रहा है। 3000 रुपए प्रति वर्ष मिलने वाला स्वास्थ भत्ता पिछले 6 सालों, 2020 के बाद से नहीं मिला है। मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा के लाभ से वंचित किया जा रहा है। मजदूरों को लूट और ठगी का शिकार होने के लिए बाजार के भरोसे छोड़ दिया गया।

सभा की अध्यक्षता ऐक्टू के संयुक्त जिला सचिव राजेश कुमार और स्थानीय मजदूर नेत्री बिंदो भारती ने की। सभा में बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन के जिला उपाध्यक्ष दिनेश कापरी, प्रेमलता देवी, गुलशमा, बीबी आगरा, अब्दुल बारीक, रितु देवी, गुंजन देवी, सोनी देवी, मनोज यादव, चांदनी देवी, रुबी देवी, घुटर तांती सहित सैकड़ों महिला – पुरुष मजदूर शामिल हुए।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

Share this story