एयरपोर्ट रनवे विस्तार के लिए लगेगा कैंप, रैयतों का एलपीसी बनाकर भुगतान प्रक्रिया तेज होगी
किशनगंज, 10 अक्टूबर (हि.स.)। जिले में सड़क, रेल, पुल और हवाई अड्डे से जुड़ी विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने भू-अर्जन की प्रक्रिया तेज करने की पहल की है। जिलाधिकारी नवीन कुमार की अध्यक्षता में भू-अर्जन कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक हुई। इसमें संबंधित पदाधिकारियों और अधियाची विभागों के अधिकारियों को लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने तथा जमीन के मुआवजे से जुड़े मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में भारतमाला परियोजना के तहत मेजर डिस्ट्रिक्ट ग्रीनफील्ड परियोजना, एसएच-99, बहादुरगंज-टेढ़ागाछ सड़क चौड़ीकरण, अररिया-गलगलिया गाइड बांध, न्यू बीजी रेल लाइन, अभयपुरघाट, असुरा एवं निशंद्रा घाट तथा तैयबपुर में आरसीसी पुल निर्माण सहित विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा की गई। डीएम ने संबंधित अंचलाधिकारियों को भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए आवश्यक भूमि संबंधी प्रमाणपत्र (एलपीसी) भेजने का निर्देश दिया।
बैठक में बताया गया कि गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे परियोजना का गजट राजपत्र और समाचार पत्रों में प्रकाशन किया जा चुका है। इसकी प्रति जिला एनआईसी की वेबसाइट पर अपलोड करने के साथ संबंधित गांवों और अंचलों में व्यापक प्रचार-प्रसार कराने का निर्देश अंचलाधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया गया। प्रभावित रैयत निर्धारित समयसीमा के भीतर अपनी दावा-आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। किशनगंज हवाई अड्डे के रनवे विस्तार के लिए अधिग्रहित भूमि का अवार्ड और नोटिस जारी किया जा चुका है।
डीएम ने किशनगंज अंचलाधिकारी को शिविर लगाकर रैयतों का एलपीसी बनाने का निर्देश दिया। रैयतों से संपूर्ण दस्तावेजों के साथ भुगतान संबंधी प्रक्रिया पूरी करने की अपील की गई। इसके अलावा पांच रोड ओवरब्रिज, कोसी-मेची लिंक नहर और सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए खेसरा पंजी शीघ्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े सभी अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी शामिल हुए।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

