26 जनवरी को होगी सरस्वती पूजा एवं मनेगा भारत का गणतंत्र दिवस : तरुण झा



सहरसा,24 जनवरी (हि.स.)। प्रसिद्ध ज्योतिषचार्य पंडित तरुण झा के अनुसार माघ महीने शुक्ल पक्ष की पंचमी को सरस्वती पूजा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को वसंत पंचमी के तौर पर मनाने की भी परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि माघ शुक्ल पंचमी के दिन देवी सरस्वती की पूजा विशेष फलदायी होती है और इस दिन माँ शारदा के पूजन का बहुत महत्व है।26 जनवरी को प्रातः 07.18 से 12.30 तक माँ शारदे की पूजा का अति शुभ मुहूर्तरहेगा।वैसे मिथिला पंचांग विश्वविद्यालय के अनुसार जिसका उदय उसका अस्त के आधार पर पूरे दिन पूजा हो सकेगी।

इस दिन भगवान श्री गणेश की पूजा के उपरान्त कलश स्थापना कर देवी सरस्वती का पूजन आरंभ करने का विधान है। सरस्वती स्तोत्र का पाठ देवी की प्रसन्नता और आशीर्वाद प्राप्ति के लिए किया जाना चाहिए। विद्या-दात्री माँ शारदा का निम्न मंत्र से ध्यान करना चाहिए –

या कुंदेंदु-तुषार-हार-धवला, या शुभ्रा - वस्त्रावृता, या वीणा - वार - दण्ड - मंडित - करा, या श्वेत - पद्मासना।या ब्रह्माच्युत - शङ्कर - प्रभृतिभिर्देवै: सदा वन्दित,सा मां पातु सरस्वती भगवती नि:शेष जाड्यापहा।।

सरस्वती पूजा मंत्र का 108 बार या देवी सर्वभूतेषु बुद्धि-रूपेण संस्थिता,नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः का जाप किया जाता है।

शास्त्रों के अनुसार वे भगवान ब्रह्मा की अर्धांगिनी हैं और इसीलिए ब्रह्मा को वागीश (वाक् या वाणी का स्वामी) भी कहा जाता है।इसी दिन भारत के गणतंत्र दिवस भी मनाया जायेगा।

हिन्दुस्थान समाचार/अजय

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