विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा की पहल पर गंडक की गाद से प्रभावित कृषि भूमि के सर्वेक्षण का आदेश

WhatsApp Channel Join Now
विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा की पहल पर गंडक की गाद से प्रभावित कृषि भूमि के सर्वेक्षण का आदेश


बगहा, 03 नवम्बर (हि.स.)।

गंडक नदी में इस वर्ष आई बाढ़ के कारण पश्चिम चंपारण जिला में बड़े पैमाने पर कृषि योग्य भूमि पर बालू, रेत और गाद जमा होने से खेती प्रभावित होने की आशंका के बीच किसानों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। वाल्मीकिनगर के विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के समक्ष इस गंभीर समस्या को उठाए जाने के बाद सरकार ने इस दिशा में पहल की है।

आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव के आदेश के आलोक में जिला कृषि पदाधिकारी, पश्चिम चंपारण ने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को प्रभावित कृषि भूमि का स्थलीय सत्यापन कर एक सप्ताह के भीतर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

जारी निर्देश के अनुसार, गंडक सहित अन्य नदियों में इस वर्ष में आई बाढ़ के कारण कृषि योग्य भूमि पर बड़े पैमाने पर बालू, रेत और गाद का जमाव हुआ है। इसके कारण संबंधित भूमि पर खेती प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में प्रभावित खेतों की पहचान कर वहां जमा बालू, रेत और गाद को हटाने के लिए एनडीआरएफ/एसडीआरएफ के निर्धारित मानकों के तहत राशि की अधियाचना की जानी है।

जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने प्रखंडों में उन कृषि भूमि का स्थलीय सत्यापन करें, जहां बालू, रेत और गाद का अधिक जमाव हुआ है और जिसके कारण कृषि कार्य प्रभावित हो सकता है। सर्वेक्षण के बाद एक सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

इस आदेश की प्रतिलिपि सभी अंचल अधिकारियों, सभी अनुमंडल कृषि पदाधिकारियों तथा जिला पदाधिकारी, पश्चिम चंपारण को भी भेजी गई है। इससे प्रभावित कृषि भूमि की पहचान, सत्यापन और आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई में संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द नाथ तिवारी

Livevns.news Desk
Livevns.news Desk

771819 Articles

Share this story