गलत विषय चयन से 3000 से अधिक छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग, बिना शुल्क दोबारा परीक्षा लेने की तैयारी

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गलत विषय चयन से 3000 से अधिक छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग, बिना शुल्क दोबारा परीक्षा लेने की तैयारी


भागलपुर, 05 अक्टूबर (हि.स.)। तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के विभिन्न अंगीभूत एवं संबद्ध कॉलेजों (जैसे टीएनबी कॉलेज भागलपुर और पीबीएस कॉलेज बांका) के 3,000 से अधिक छात्र-छात्राओं का रिजल्ट गलत विषय चयन कर परीक्षा देने के कारण पेंडिंग हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की इस बड़ी तकनीकी लापरवाही के कारण सत्र 2023-27, 2024-28 और 2025-29 के विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।

इस गंभीर संकट को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन अब इन प्रभावित छात्रों के लिए 6 महीने के भीतर दोबारा परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहा है, जिसके लिए छात्रों से कोई परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस पूरे मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यह गड़बड़ी किसी एक छात्र की निजी गलती नहीं, बल्कि कॉलेजों के स्तर पर हुई विषय चयन की लापरवाही है। कई छात्र-छात्राओं को सेमेस्टर-5 तक गलत विषयों में परीक्षा दिला दी गई, जिससे उनकी पिछली परीक्षाएं तकनीकी रूप से अवैध होने के कगार पर पहुंच गई हैं।

उल्लेखनीय है कि इस तुगलकी फरमान और प्रशासनिक विफलता के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में सैकड़ों आक्रोशित छात्रों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन और परीक्षा विभाग में जोरदार हंगामा और प्रदर्शन भी किया था। छात्रों के कड़े रुख और उग्र विरोध को देखते हुए परीक्षा नियंत्रक प्रो. विनोद कुमार ओझा और पीबीएस कॉलेज बांका के प्राचार्य प्रो. सुधीर कुमार सिंह सहित विविवि के वरिष्ठ अधिकारियों ने घंटों मंथन किया है। हालांकि, विश्वविद्यालय स्तर पर अभी कोई अंतिम आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है, लेकिन छात्रों को राहत देने के लिए बिना शुल्क पुनः परीक्षा कराने का खाका तैयार किया जा रहा है।

छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही परिणाम को लेकर कोई ठोस और छात्र-हितैषी निर्णय नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

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