230 पंचायत भवनों में फार्मर आईडी पंजीकरण को लेकर दिखा उत्साह
गोपालगंज, 14 जनवरी (हि.स.)।जिले में किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत फार्मर आईडी पंजीकरण अभियान तेज हो गया है। जिले के सभी 230 पंचायत भवनों पर आयोजित विशेष शिविरों में किसान बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। शिविरों में किसानों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि अब किसान भी फार्मर आईडी के महत्व को समझने लगे हैं और समय रहते पंजीकरण कराना चाहते हैं।
जिला कृषि पदाधिकारी ललन कुमार सुमन ने बताया कि फार्मर आईडी निबंधन कार्य को पारदर्शी और सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने हेतु कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को फील्ड में तैनात किया गया है। ये अधिकारी किसानों के प्रस्तुत कागजातों की जांच कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण का कार्य कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि या गड़बड़ी से बचा जा सके।
जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि शिविर में आते समय आवश्यक दस्तावेज अवश्य साथ लाएं। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर तथा अद्यतन लगान रसीद अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि सही दस्तावेज उपलब्ध होने से पंजीकरण प्रक्रिया में समय की बचत होती है और किसान को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। बुधवार को उचकागांव प्रखंड अंतर्गत लुहसी पंचायत भवन में आयोजित शिविर में किसानों का उत्साह देखते ही बन रहा था। यहां अब तक लगभग 270 किसानों का सफलतापूर्वक फार्मर आईडी निबंधन किया गया। सुबह से ही किसान कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
कई किसानों ने बताया कि फार्मर आईडी बन जाने से उन्हें भविष्य में बीज अनुदान, फसल बीमा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, कृषि यंत्र अनुदान समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। इस शिविर में कृषि समन्वयक अरविन्द कुशवाहा, किसान सलाहकार कौशल किशोर, विशेष सर्वेक्षण कानूनगो मोहन कुमार, एसएसए प्रिया प्रियदर्शी सहित अन्य कर्मी सक्रिय रूप से जुटे रहे। उन्होंने किसानों को फार्मर आईडी के फायदे बताते हुए प्रक्रिया को सरल शब्दों में समझाया। लुहसी गांव से पहुंचे किसान विनोद साह, मनोज कुमार, हरिनंदन,कपरपुरा गांव से पहुंचे समीजा खातून, मोहम्मद सिराजुद्दीन, समेत बड़ी संख्या में किसानों ने शिविर में पंजीकरण कराया।
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हिन्दुस्थान समाचार / Akhilanand Mishra

