सीवान में 14 जगहों पर खुलेंगे रक्त संग्रह केंद्र
सीवान, 22 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना-2.0 के तहत जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। सीवान के 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के साथ महाराजगंज अनुमंडलीय अस्पताल में भी नया रक्त संग्रहण केंद्र खोला जाएगा। इससे ग्रामीण और अनुमंडल क्षेत्र के मरीजों को जरूरत के समय स्थानीय स्तर पर रक्त उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होगी।
राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय, भा.प्र.से. की ओर से जारी निर्देश के अनुसार मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना-2.0 के तहत राज्य के सभी सीएचसी एवं अनुमंडलीय अस्पतालों में कुल 383 रक्त संग्रहण इकाइयां स्थापित की जानी हैं। इनमें 276 स्वास्थ्य संस्थानों में नई रक्त संग्रहण इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इसी क्रम में सीवान के 13 सीएचसी और महाराजगंज अनुमंडलीय अस्पताल को शामिल किया गया है।
सीवान के हुसैनगंज, मैरवा, रघुनाथपुर, नौतन, आंदर, भगवानपुर हाट, दारौंदा, गुठनी, गोरेयाकोठी, हसनपुरा, लकड़ीबीगंज, पचरुखी एवं जीरादेई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में नए रक्त संग्रहण केंद्र खोले जाएंगे। इसके अलावा महाराजगंज अनुमंडलीय अस्पताल में भी रक्त संग्रह केंद्र स्थापित किया जाएगा। इन केंद्रों के शुरू होने से गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं, दुर्घटना में घायल लोगों, गंभीर एनीमिया से पीड़ित मरीजों और ऑपरेशन वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में रक्त की आवश्यकता होने पर ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों के परिजनों को कई बार सीवान सदर अस्पताल या अन्य रक्त केंद्रों का रुख करना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर रक्त संग्रहण की सुविधा उपलब्ध होने से समय की बचत होगी और आपात स्थिति में मरीजों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना-2.0 के तहत जिले के 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और महाराजगंज अनुमंडलीय अस्पताल में रक्त संग्रहण केंद्र स्थापित होना ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में काफी मदद मिलेगी। विशेषकर प्रसव, दुर्घटना, गंभीर एनीमिया और आपातकालीन चिकित्सा के मामलों में इन केंद्रों का सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा। संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सा पदाधिकारी और प्रयोगशाला कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि रक्त संग्रहण की प्रक्रिया सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हो सके।
रक्त संग्रहण इकाइयों के संचालन के लिए प्रत्येक चयनित स्वास्थ्य संस्थान से एक चिकित्सा पदाधिकारी और एक प्रयोगशाला प्रावैधिकी को नामित किया जाएगा। इन्हें पहले ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद जिला स्थित रक्त केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा नामित चिकित्सा पदाधिकारी एवं प्रयोगशाला प्रावैधिकी को तीन दिवसीय भौतिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं स्वास्थ्य प्रबंधक भी ऑनलाइन प्रशिक्षण में भाग लेंगे। राज्य स्वास्थ्य समिति ने संबंधित संस्थानों से नामित चिकित्सा पदाधिकारी, प्रयोगशाला प्रावैधिकी तथा प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं स्वास्थ्य प्रबंधक की नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर एवं ई-मेल सहित पूरी विवरणी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इन केंद्रों के चालू होने से जिले के ग्रामीण और अनुमंडल स्तर पर रक्त की उपलब्धता की व्यवस्था मजबूत होने के साथ आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को भी गति मिलने की उम्मीद है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma

