मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना से 10 बच्चों को मिला नया जीवन का अवसर, पटना भेजे गए इलाज के लिए

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मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना से 10 बच्चों को मिला नया जीवन का अवसर, पटना भेजे गए इलाज के लिए


किशनगंज, 05 अप्रैल (हि.स.)। जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों के लिए मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना संजीवनी साबित हो रही है।महंगे इलाज की चिंता से जूझ रहे गरीब परिवारों के लिए यह योजना नई उम्मीद बनकर सामने आई है।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत किशनगंज जिले के 10 बच्चों को पटना स्थित इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी में आयोजित 11वें विशेष शिविर में इलाज के लिए भेजा गया है। शिविर में अहमदाबाद के श्री सत्य साईं हार्ट हॉस्पिटल के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बच्चों की जांच कर आवश्यक उपचार करेगी। स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में सदर अस्पताल किशनगंज से 8 बच्चों को तीन एम्बुलेंस के माध्यम से सुरक्षित पटना रवाना किया गया, जबकि 2 बच्चे अपने परिजनों के साथ ट्रेन से शिविर में शामिल होने के लिए गए।

पूरी प्रक्रिया की निगरानी स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई, ताकि बच्चों को समय पर और सुरक्षित उपचार मिल सके। इस योजना के तहत जिले के विभिन्न प्रखंडों से बच्चों का चयन किया गया है। इनमें ठाकुरगंज से तबस्सुम खातून, अल्फाज हुसैन, राजेंद्र कुमार राजभर और सलमान रजा, पोठिया से सोहन हरिजन, आरती कुमारी और सुहेब, किशनगंज से शिवांश कुमार और आंचल कुमारी तथा कोचाधामन से रागिनी कुमारी शामिल हैं। इन बच्चों की पहचान आरबीएसके टीम द्वारा गांव स्तर पर स्क्रीनिंग के दौरान की गई।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. मुनाजिम ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत बच्चों की समय पर पहचान, रेफरल और निःशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक अभाव के कारण कोई भी बच्चा जीवनरक्षक इलाज से वंचित न रहे, यह योजना उसी उद्देश्य से संचालित की जा रही है। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि इससे पहले भी कई शिविरों के माध्यम से जिले के अनेक बच्चों का सफल इलाज कराया जा चुका है। लगातार मिल रही सफलता से यह योजना जिले में भरोसेमंद स्वास्थ्य सुरक्षा कवच बनती जा रही है।

जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि मुख्यमंत्री सात निश्चय के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना समावेशी स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। जन्मजात हृदय रोग जैसे महंगे इलाज को निःशुल्क उपलब्ध कराना सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम है। प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल बच्चों को नया जीवन दे रही है, बल्कि गरीब परिवारों में सरकार के प्रति विश्वास भी मजबूत कर रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

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