अभिनय कार्यशाला का शुभारंभ
भागलपुर, 29 जून (हि.स.)। भागलपुर के संग्रहालय परिसर में आम्रपाली कला प्रशिक्षण केंद्र और सांस्कृतिक संस्था आलय के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को अभिनय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ।
कार्यशाला का उद्घाटन शिक्षाविद् राजीव कांत मिश्रा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रंगमंच व्यक्ति की व्यक्तित्व को प्रखर और प्रभावशाली बनाता है।
उन्होंने बताया कि पर्सनेलिटी शब्द लैटिन भाषा के परसोना शब्द से बना है, जिसका अर्थ मुखौटा होता है और रंगमंच व्यक्ति को अपने भीतर छिपी प्रतिभाओं को अभिव्यक्त करने का अवसर देता है। वहीं जिला संस्कृति पदाधिकारी अंकित रंजन ने कहा कि शहर को इस प्रकार की रंग कार्यशालाओं की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यह पहल मंजूषा हाट जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों की एक नई और महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी। कार्यशाला के निदेशक डॉ. चैतन्य प्रकाश ने कहा कि यह कार्यशाला भागलपुर के रंगमंच के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी।
वहीं रंगकर्मी शशि ने कहा कि उनकी टीम पिछले 26 वर्षों से भागलपुर में स्वस्थ सांस्कृतिक माहौल को बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कार्यशाला में रंगमंच और अभिनय से जुड़े विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को अभिनय की बारीकियां सिखाईं गई और युवाओं को थिएटर की दुनिया से जोड़ने का प्रयास किया गया।
इस दौरान प्रतिभागियों को सही उच्चारण और संवाद अदायगी के लिए विशेष अभ्यास करवाया गया। वहीं परिस्थितियों के अनुरूप अभिनय की तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला में आशीष कुमार, प्रियदर्शिनी झा, अपूर्व गौरव, दिव्यांशु झा, ब्रजेंद्र राज, शुभम कुमार, सचिन कुमार मंडल, रंजीत कुमार, विवेक मिश्रा, मोहित झा, सूर्यांश साकेत, नितेश कुमार, सौरभ कुमार, विकास चंद्रा, श्यामिलिनी झा, आदित्य श्री, रौशन कुमार, भावना कुमारी, चांदनी कुमारी सहित बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

