अब डिजिटल होगी किशनगंज पुलिस की जांच, 24 थानों में कंप्यूटर से कामकाज शुरू
किशनगंज, 27 अक्टूबर (हि.स.)। अपराध नियंत्रण और अनुसंधान की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए किशनगंज पुलिस अब डिजिटल तकनीक का सहारा ले रही है। जिले की पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में थानों को तकनीकी सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। अब तक जिले के 24 थानों में कंप्यूटर के माध्यम से कामकाज शुरू हो चुका है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ अनुसंधान को गति देने की पहल की जा रही है।
क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) के तहत पिछले 10 वर्षों का डेटा कंप्यूटर में अपलोड किया गया है। अब प्राथमिकी दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर उसे ऑनलाइन अपलोड किया जाता है। इससे संबंधित मामलों की जानकारी उपलब्ध कराने और पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिल रही है।
डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से पुलिसकर्मियों को पुराने मामलों और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में भी सहूलियत होती है।डिजिटल पुलिसिंग के तहत घटनास्थल पर मोबाइल से वीडियोग्राफी कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से सबूतों को डिजिटल रूप में दर्ज कर सुरक्षित रखने पर जोर दिया जा रहा है। इससे साक्ष्यों के खोने या उनके साथ छेड़छाड़ की आशंका कम करने में मदद मिलती है। साथ ही, अनुसंधान के दौरान डिजिटल साक्ष्यों का बेहतर तरीके से उपयोग किया जा सकता है। डिजिटल व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अनुसंधानकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कंप्यूटर आधारित कार्यों के संचालन के लिए कार्यपालक सहायकों और दक्ष पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिसकर्मियों को लैपटॉप और एंड्रॉयड फोन भी उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि जांच से जुड़े कार्यों को तकनीकी सहायता के साथ पूरा किया जा सके।
मंगलवार को पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने कहा कि किशनगंज पुलिस को लगातार सशक्त और आधुनिक बनाया जा रहा है। सामान्य पुलिसिंग के साथ कंप्यूटर आधारित कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है। डिजिटल पुलिसिंग का मुख्य उद्देश्य अनुसंधान को प्रभावी बनाना, दोषियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया को मजबूत करना और आम लोगों को समय पर न्याय उपलब्ध कराने में सहायता करना है।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

