अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस को लेकर कार्यशाला आयोजित
भागलपुर, 22 मई (हि.स.)। भागलपुर वन प्रमंडल अंतर्गत अरण्य बिहार, सुंदरवन, भागलपुर में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के उपलक्ष्य पर शुक्रवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। हर साल 22 मई को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस, जैव विविधता से जुड़े मुद्दों के बारे में समझ और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
एक दिवसीय कार्यशाला को भागलपुर जिला अंतर्गत परिधि, रिजेनरेटिव बिहार, मंदार नेचर कल्ब, असर एवं अन्य एनजीओ के माध्यम से किया गया। संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित इस दिन का मुख्य उद्देश्य पृथ्वी पर जीवों, पौधों और पारिस्थितिकी तंत्र की विविधता के संरक्षण के महत्व के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाना है।
इस कार्यक्रम के जरिये जैव विविधता के नुकसान को रोकना, पारिस्थितिकी तंत्र को बहाल करना और सतत सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना है। गंगा क्षेत्र में जैव विविधता और उसके संरक्षण हेतु विभिन्न मुद्दों पर सभी हितधारकों के साथ परिचर्चा की गई तथा, जैव-विविधता के संरक्षण में सामूहिक प्रयास करने पर बाल दिया गया। इस वर्ष का विषय वैश्विक प्रभाव के लिए स्थानीय स्तर पर कार्य करना है, जो यह संदेश देता है कि संरक्षण के लिए छोटे स्थानीय प्रयास भी बड़े वैश्विक बदलाव ला सकते हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा दिसंबर 2000 में इसे आधिकारिक रूप से 22 मई को मनाने की स्वीकृति दी गई थी। आज पृथ्वी पर मनुष्यों सहित कम से कम 80 लाख प्रजातियों के पौधे और जीव-जंतु मौजूद हैं। जिन पारिस्थितिक तंत्रों में ये प्रजातियाँ निवास करती हैं, वे अत्यंत जटिल हैं और एक पारिस्थितिक तंत्र का प्रत्येक भाग एक पहेली की तरह दूसरे पर निर्भर करता है। मनुष्य पारिस्थितिक तंत्रों में समाहित हैं और पौधों, जानवरों और लोगों के इन परस्पर जुड़े नेटवर्कों पर निर्भर हैं।
इस कार्यक्रम में वन प्रमंडल पदाधिकारी आशुतोष राज, जिला मत्स्य पदाधिकारी कृष्ण कन्हैया, परिधि से उदय जी, रिजरनेटिव बिहार से कर्नल सोमेंद्र पाण्डेय एवं संतोष कुमार सुमन, मंदार नेचर कल्ब से डॉ सुनील अग्रवाल, अरविन्द मिश्रा, वन्यजीव संरक्षण संस्थान से आशुतोष कुमार, भारतीय वन्यजीव संस्थान से मुकेश कुमार, सृष्टि संस्थान से गौरव कुमार, गंगा प्रहरी मुकेश कुमार, वनों के क्षेत्र पदाधिकारी, भागलपुर कुमार गौतम, वन परिसर पदाधिकारी भागलपुर दिनेश कुमार सिंह, वनरक्षी आदित्य कुमार सिंह, मुखिया अगरपुर रहनुमा खातून, मुखिया ममलखा अभिषेक अर्जन, डॉल्फ़िन मित्र योगेंद्र महलदार, विष्णु महलदार, नागो महलदार, स्थानीय मछुआ एवं किसान एवं अन्य मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर

