बिहार के ये पारंपरिक व्यंजन अपनी ओर खींचते हैं पर्यटकों का ध्यान, जरूर लें इनका स्वाद 

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देश के विभिन्न राज्यों में से एक हैं बिहार जहां से हर साल कई बड़े अधिकारी परीक्षा पास कर निकलते हैं। अपनी शिक्षा के साथ ही बिहार को अपने इतिहास और संस्कृति के लिए भी जाना जाता हैं। हर साल लाखों पर्यटक बिहार पहुंचते हैं और यहां के स्थलों के साथ ही खानपान का मजा लेना पसंद करते हैं। जी हां, बिहार को अपने पारंपरिक व्यंजनों के लिए जाना जाता हैं जो पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं। ये व्यंजन भोजन का स्वाद लेने के इच्छुक हर व्यक्ति के मुंह में पानी ला देते है। आज इस कड़ी में हम आपको बिहार के उन पारंपरिक व्यंजन की जानकारी देने जा रहे हैं जो यहां की शान हैं और पूरे भारत में जाने जाते हैं।

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दाल पुरी

दाल पुरी बिहार में लोगों के बीच बहुत मशहूर है। अधिकतर घरों में इसे लोगों द्वारा बड़े ही चाव से बनाया जाता है। यह बिहार के सबसे प्रसिद्ध भोजनों में भी शामिल है। वहीं अगर इसे बनाने की विधि के बारे में बात करें तो इसे आलू के पराठें की तरह ही बनाया जाता है। बस इसमें आलू की जगह पीसी हुई दाल भर दी जाती है।

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लिट्टी चोखा

लिट्टी चोखा के मनमोहक स्वाद, जिसे सभी पसंद करते हैं, उसे किसी परिचय की आवश्यकता नहीं है। यह घी से भरपूर बिहार का एक बहुत ही मशहूर व्यंजन है। इसे गेहूँ और सत्तू को मसालों के साथ, गोल तीखे गोले बनाकर घी में डुबा कर बनाया जाता है। कुरकुरे क्रस्ट के साथ लिट्टी की बनावट इसे खाने के शौकीनों को खुश कर देती है। चोखा उबली हुई सब्ज़ियों (आलू, बैगन, टमाटर) को मैश करके तैयार किया जाता है, इसमें मसाले और कटा हुआ प्याज, लहसुन आदि मिलाया जाता है और लिट्टी के साथ एक मानार्थ व्यंजन के रूप में परोसा जाता है।

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ठेकुआ

ठेकुआ, यह व्यंजन आपको बिहार में मनाये जाने वाले छठ पर्व के समय ज़्यादा देखने को मिलेगा। यह खाने में हल्का सख़्त और मीठा होता है। यह आटे में घी, पीसी हुई चीनी या गुड़, इलाइची आदि को एक साथ गूंदकर और फिर तलने के बाद तैयार हो जाता है। इसका रंग हल्का सुनहरा होता है जिससे यह लोगों को अपनी तरफ बखूबी लुभाता है।

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खाजा

खाजा एक प्रकार का पकवान है जो मुख्यतः मैदा, चीनी, घी या डालडा से बनाया जाता है। यह पूर्वी भारत के बिहार, उड़ीसा तथा पश्चिम बंगाल में बहुत लोकप्रिय है। सिलाव तथा राजगीर दो ऐसे स्थान है, जहां का खाजा अन्य के मुकाबले बेहतर समझा जाता है। बिहार तथा पड़ोसी राज्यों से होते हुए खाजा अब अन्य राज्यों में भी लोकप्रिय हो गया है।

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चाना घुघनी

चाना घुघनी बिहार के लगभग हर घर में नाश्ते के रूप में खाया जाने वाला पारंपरिक व्यंजन है। यह बहुत मसालेदार होता है। इसे बनाने के लिए उबले हुए चने, प्याज और मसालों के साथ तला हुआ चूड़ा का भूजा एक साथ मिलाकर इसे तैयार किया जाता है।

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दुधौरी

दुधौरी बिहार की पारंपरिक मिठाई है। ये ख़ासकर होली के मौके पर बनाई जाती है। इस मिठाई की सबसे ख़ास बात ये बेहद कम समय में बनकर तैयार हो जाती है। ये मिठाई 20 से 25 मिनट में आसानी से बन कर तैयार हो जाती है। इसे रोड ट्रिप और पिकनिक पर भी पैक किया जा सकता है। इसे बनाने में चावल, दूध, चीनी और घी का इस्तेमाल किया जाता है। ये बिहार और झारखंड दोनों राज्यों में बनाई जाती है।

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धूस्का

धूस्का बिहार का एक पारंपरिक नाश्ता है। इसे ख़ासकर नाश्ते में खाया जाता है। कहा जाता है कि यह उत्तर भारतीय रेसिपी घुगनी चाट के साथ सबसे अच्छी लगती है। इसकी सबसे ख़ास बात ये है कि इसे कम से कम मसालों का इस्तेमाल करके पकाया जाता है। आपको बता दें, इसे बनाने के लिए चावल, चना दाल, काले चने, हरी मिर्च, लहसुन और धनिया पत्ती का इस्तेमाल किया जाता है। आप आलू की सब्ज़ी या सलाद आदि के साथ भी इसका स्वाद ले सकते हैं।

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सुरन चटनी

सुरन चटनी सुरन और जिमीकंद की एक ऐसी सब्ज़ी है जिसमें प्रोटीन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा बहुत अधिक होती है। ये डायबिटिक लोगों के लिए भी अच्छा माना जाता है। आप इस चटनी को अपने खाने के साथ या फिर अपने नाश्ते में परोस सकते है। बिहारी सुरन चटनी रेसिपी को दाल पालक, भिंडी मसाला और फुल्का के साथ दिन के खाने के लिए परोसे।

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तरुआ

तरुआ भी एक पारंपरिक बिहारी डिश है। इसे आप नाश्ते में खाने वाले व्यंजनों में गिन सकते हैं। इसे आप चटनी और चाय के साथ खा सकते हैं। अगर इसे बनाने की विधि की बात की जाए तो इसके के लिए बैंगन, बेसन, चावल, हरा धनिया, अदरक, हरी मिर्च, लहसुन, राई, नमक और हल्दी इस्तेमाल की जाती है। आख़िर में इसे ‘राई के तेल’ में तल लिया जाता है।

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अनरसा

अनरसा भी एक ट्रेडिशनल बिहारी डिश है। इसे खासकर त्योहारों के मौके पर बनाया जाता है। अनरसा बनाने के लिए चावल, गुड़, इलाइची, सौंफ और सूखा नारियल का इस्तेमाल किया जाता है। आख़िर में इसे तेल में डीप फ़्राई किया जाता है। ये दिखने में मालपुवे की तरह होता है।


 

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