Subah-E-Banaras: आखिर क्यों दुनिया दीवानी है 'सुबह-ए-बनारस' की? इस समय बदल जाता है पूरी काशी का रंग

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हमारे यहां भारत में घूमने फिरने की एक से एक जगह मौजूद हैं। जब भी किसी धार्मिक स्थलों की बात होती है तो सबसे पहले मथुरा-वृंदावन, वैष्णो देवी और काशी का ही नाम याद आता है। काशी की बात करें तो बनारस सिर्फ एक शहर नहीं बल्कि एक एहसास है। यहां की गलियां, घाट, मंदिर और गंगा आरती की दीवानगी तो पूरी दुनिया में देखने को मिलती है। अगर आप काशी जाएंगी तो आपको सिर्फ भारतीय नहीं बल्कि विदेशी झलक भी देखने को मिलेगी, लेकिन यहां की जो बात सबसे ज्यादा लोगों के दिल में बस जाती है वो है 'सुबह-ए-बनारस'।

आप यकीन नहीं करेंगी लेकिन बनारस की सुबह का नजारा इतना खास होता है कि लोग खुद-ब-खुद इसके दीवाने हो जाते हैं। जैसे ही सूरज की पहली किरण गंगा नदी पर पड़ती है, पूरा घाट सुनहरे रंग में रंग जाता है। इस दौरान मंदिर की घंटियां, शंख की आवाज और गंगा आरती सब मिलकर ऐसा माहौल बनाती हैं कि इसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। यहां सुबह सिर्फ दिखाई नहीं देती है, बल्कि महसूस होती है। यही वजह है कि Subah-e-Banaras का जिक्र सबसे पहले होता है। आइए जानते हैं क्यों बनारस की सुबह इतनी खास है-

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सूर्योदय के समय दिखता है खूबसूरत नजारा 

 काशी में सुबह-सुबह जब सूर्योदय होता है तब मानो गंगा नदी का पानी पूरे सुनहरे रंग में रंग जाता है। घाटों पर बैठे लोग, नाव की सवारी करते पर्यटक और पूजा करते हुए श्रद्धालु इस खूबसूरत नजारे का गवाह बनते हैं। ज्यादातर लोग तो सिर्फ ये नजारा देखने सुबह-सुबह घाट पर आते हैं। चुपचाप घाट की सीढ़ियों पर बैठकर गंगा नदी को निहारते हैं। यही सुकून सुबह-ए-बनारस को खास बनाती है।

मंदिरों की घंटियां और शंख की आवाज से बदल जाता हे पूरा माहौल 

बनारस की सुबह सिर्फ खूबसूरत नजारे के लिए ही नहीं है बल्कि आवाजें भी खास होती हैं। जब मंदिरों में आरती होती है तो घंटियों और शंख की आवाज से मन को बहुत शांति मिलती है। हवाओं में तो मानो अगरबत्ती और फूलों की खुशबू घुल जाती है।

नाव की सैर का मजा होता है सबसे अलग

सुबह के समय गंगा में नाव की सैर करना भी लोगों को बहुत पसंद आता है। इस दौरान एक साथ कई घाटों को देखने का मौका मिलता है। कई फोटोग्राफर तो खासतौर से इस समय फोटो क्लिक करने के लिए पहुंचते हैं।

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पूजा के बाद शुरू होती है पेट पूजा

बनारस की सुबह सिर्फ घाट और मंदिरों तक सीमित नहीं है। यहां का खाना भी लोगों को खूब पसंद आता है। सुबह के समय गरम-गरम जलेबी और दही खाने वालों की भीड़ दुकानों पर नजर आती है। इसके अलावा कचौड़ी-सब्जी, चाट और बनारसी चाय की चुस्की लेने भी पर्यटकों की भीड़ पहुंचती है। वहीं मगही और बनारसी पान की भी कई वैरायटी यहां की पहचान है।

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काशी में कहां-कहां घूमें?

काशी व‍िश्वनाथ मंद‍िर- हर कोई बनारस काशी व‍िश्वनाथ बाबा के दर्शन करने ही आता है। इस मंद‍िर की कहानी 3500 साल पुरानी बताई जाती है। ये मंद‍िर 12 ज्‍योत‍िर्लिंगों में से एक है। काशी को भगवान श‍िव की प्र‍िय नगरी भी कहा जाता है।

अस्सी घाट- ये घाट पर्यटकों के बीच काफी फेमस है। यहां सुबह से लेकर रात तक भीड़ देखने को मिलती है। जब आप गंगा नदी के किनारे बसे सभी घाटों को पार करते हुए दक्षिणी छोर पर जाएंगी तो आपको मनमोहक अस्सी घाट मिलेगा। यहीं पर अस्सी नदियां गंगा से मिलती हैं।

संकट मोचन हनुमान मंद‍िर- जो भी बनारस आता है वो संकट मोचन हनुमान मंद‍िर में दर्शन करने जरूर जाता है। ये मंद‍िर अस्सी नदी के किनारे बना हुआ है।

मणिकर्णिका घाट- काशी आएं और मणिकर्णिका घाट नहीं गए ता मानो आपकी यात्रा अधूरी रह गई। कहा जाता है कि ये वही जगह है जहां लोगों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

दशाश्वमेध घाट- ये वही जगह है जहां भगवान ब्रह्मा ने दशा अश्वमेध यज्ञ किया था। आज भी यहां पर कई तरह के अनुष्ठान किए जाते हैं। यहां पर शाम में होने वाली गंगा आरती का दृश्य देखने लायक होता है।

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बनारस के मशहूर व्यंजन

अगर आप बनारस जाने का प्लान कर रही हैं तो कुछ ऐसे व्यंजन हैं जिन्हें जरूर चखना चाहिए। कहते हैं कि जो स्वाद यहां मिलता हे वो देश के किसी भी कोने में नहीं मिल सकता-

कचौड़ी सब्जी
छेना दही बड़ा
लिट्टी चोखा
टमाटर चाट
गोलगप्पे
बनारसी ठंडाई
लस्सी
बनारसी पान

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शॉपिंग भी करें?

अगर आप वाराणसी जा रही हैं तो शॉपिंग भी जरूर करें। यहां आपको ठठेरी बाजार से तांबे से बनी मूर्तियां खरीद सकती हैं। इसके अलावा आप विश्वनाथ लेन से डिजाइनर चूड़ियां, दुपट्टे या साड़ी खरीद सकती हैं। गोदौलिया बाजार में आपको बनारसी साड़ि‍यां कम रेट में मिल जाएंगी।

कैसे पहुंचें वाराणसी?

आप वाराणसी हवाई जहाज से जा सकती हैं। यहां का लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों से जुड़ा हुआ है।
आप बस से भी बनारस पहुंच सकती हैं। कई राज्यों से यहां के लिए डायरेक्ट बस मिल जाती हैं।
आप चाहें तो ट्रेन या प्राइवेट गाड़ी से भी बनारस पहुंच सकती हैं।

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 बनारस जाएं तो इन बातों का रखें ध्यान

सुबह जल्दी घाट पर पहुंचें।
नाव की सैर करते समय लाइफ जैकेट जरूर पहनें।
घाटों पर साफ-सफाई का ध्यान रखें।
स्ट्रीट फूड जरूर चखें।
बंदरों से सावधान रहें।
तो अगर आप भी बनारस जा रही हैं तो सुबह का नजारा जरूर देखें। इस दौरान आपको शांति का एहसास होगा। 

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