ठंड में दूर देशों से आते हैं पक्षी, भारत में इन 5 जगहों पर देखें उनका जमघट

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सर्दियां आ गई हैं और यह वक्त दूरबीन उठाकर बाहर निकलने का सबसे अच्छा मौका है. अच्छी बात यह है कि पूरे भारत में झीलों, वेटलैंड्स और घास के मैदानों में ऐसे पक्षियों का स्वागत होता है, जो ठंड से बचने और भोजन की तलाश में मीलों का सफर तय करके आते हैं. कुछ जगहें तो पानी के बड़े पक्षियों के झुंडों के लिए मशहूर हैं, वहीं कुछ ऐसी डेस्टिनेशन भी हैं जहां आपको बत्तख, हंस, फ्लेमिंगो और शिकारी पक्षी अपने प्राकृतिक आवास में देखने को मिल सकते हैं.

मौसम बदलने लगा है. अगर आप नेचर प्रेमी हैं और पक्षियों से बेहद लगाव है तो ये बेस्ट टाइम होगा. क्यों न इस बार बर्डवॉचिंग का प्लान बनाएं? यहां भारत की पांच ऐसी बेहतरीन जगहों की लिस्ट है, जहां आप इस सर्दी दूसरे देशों से आए प्रवासी पक्षियों को देख सकते हैं.

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, राजस्थान
राजस्थान के भरतपुर में स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान भारत के सबसे जाने माने बर्डवॉचिंग डेस्टिनेशंस में से एक है. यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सेंट्रल एशियन फ्लाईवे से आने वाले प्रवासी जलपक्षियों के लिए एक अहम सर्दियों का ठिकाना है.

यहां के वेटलैंड्स, घास के मैदान और जंगल कई तरह की प्रजातियों को सहारा देते हैं, जिनमें बत्तख, हंस, पेलिकन और सैंडपाइपर जैसे पक्षी शामिल हैं. यह पार्क उन यात्रियों के लिए बहुत अच्छा है जो सिर्फ एक झटके में देखकर नहीं निकलना चाहते, बल्कि घंटों पक्षियों को निहारना चाहते हैं. आप यहां पैदल या साइकिल से घूम सकते हैं, या फिर साइकिल रिक्शा गाइड भी ले सकते हैं जो रास्ते में पक्षियों की पहचान करने में मदद करेगा. नवंबर से फरवरी तक यहां जाने का अच्छा समय है, हालांकि पक्षियों का दिखना पानी के स्तर और मौसमी हालात पर निर्भर करता है.

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चिल्का झील, ओडिशा
हर सर्दियों में चिल्का झील, जो एशिया की सबसे बड़ी खारे पानी की लैगून है, दूर एशिया और उससे भी आगे के हिस्सों से प्रवासी पक्षियों को अपनी ओर खींचती है. इसके उथले पानी और कीचड़ वाले मैदान बड़ी संख्या में जलपक्षियों के लिए खाने का ठिकाना बनते हैं, जिससे यह भारत के बड़े सर्दियों के बर्डिंग डेस्टिनेशंस में से एक बन जाता है.

अगर आप करीब से देखना चाहते हैं, तो लैगून के उत्तरी किनारे पर स्थित मंगलजोड़ी जाएं. यहां के स्थानीय नाव चालक (बोट गाइड) आगंतुकों को पक्षियों को परेशान किए बिना वेटलैंड्स को देखने में मदद करते हैं. चिल्का के भीतर स्थित नलबना बर्ड सैंक्चुअरी भी एक महत्वपूर्ण शीतकालीन क्षेत्र है, हालांकि ध्यान रहे कि अभयारण्य तक पहुंच प्रतिबंधित है. नवंबर से फरवरी तक यहां जाना आमतौर पर अच्छा समय माना जाता है.

सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान, हरियाणा
दिल्ली एनसीआर में रहने वालों के लिए सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान सर्दियों में बर्डवॉचिंग के लिए एक आसान विकल्प है. गुरुग्राम में स्थित यह वेटलैंड स्थानीय पक्षियों के साथ साथ सेंट्रल एशियन फ्लाईवे से आने वाले मौसमी मेहमानों का घर है.

सर्दियों के दौरान, यहां उत्तरी पिंटेल, यूरेशियन विजन, कॉमन टील, बार हेडेड गूज और ग्रेटर फ्लेमिंगो जैसे पक्षी देखे जा सकते हैं. यहां चलने वाले रास्ते और व्यूइंग पॉइंट पार्क को आराम से घूमने लायक बनाते हैं. सुबह जल्दी जाना एक अच्छा विचार है, खासकर उन लोगों के लिए जो दिन व्यस्त होने से पहले पक्षियों को देखना चाहते हैं. नवंबर से फरवरी यहां प्रवासी पक्षियों का मुख्य मौसम है.

नल सरोवर पक्षी अभयारण्य, गुजरात
अहमदाबाद से लगभग 60 किलोमीटर दूर नल सरोवर पक्षी अभयारण्य एक बड़ा वेटलैंड है जो अपने मौसमी पक्षी जीवन के लिए जाना जाता है. झील, दलदल और छोटे द्वीप स्थानीय पक्षियों के साथ साथ सर्दियों में आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए भी आवास प्रदान करते हैं.

परिस्थितियों के आधार पर, बर्डवॉचर यहां फ्लेमिंगो, पेलिकन, बत्तख, क्रेन और कई तरह के सैंडपाइपर देख सकते हैं. नाव की सवारी झील को देखने का एक लोकप्रिय तरीका है, और सुबह के शुरुआती घंटे पक्षियों को भोजन करते और पानी में घूमते हुए देखने का अच्छा अवसर देते हैं. नवंबर से फरवरी को प्रवासी पक्षियों के लिए घूमने का सबसे अच्छा समय माना जाता है.

वेदांथंगल पक्षी अभयारण्य, तमिलनाडु
भारत के सबसे पुराने पक्षी अभयारण्यों में से एक, वेदांथंगल पक्षी अभयारण्य चेन्नई के आसपास सर्दियों की यात्रा में एक बेहतरीन जगह है. यहां के वेटलैंड और पेड़ जलपक्षियों के लिए घोंसले बनाने और आराम करने की जगह प्रदान करते हैं, जिनमें बगुले, इग्रेट, कॉर्मोरेंट और सारस शामिल हैं. पानी के ऊपर पेड़ों में पक्षियों का इकट्ठा होना यहां आने के मुख्य कारणों में से एक है.

वेदांथंगल उन आगंतुकों के लिए भी एक अच्छा विकल्प है जो जंगल में ज्यादा अंदर गए बिना पक्षियों को देखना चाहते हैं. यहां का मौसमी पक्षी जीवन ठंडे महीनों के दौरान खास तौर पर फायदेमंद होता है, हालांकि पक्षियों की संख्या और विविधता बारिश और पानी के स्तर के साथ बदल सकती है. निकलने से पहले स्थानीय परिस्थितियों की जांच कर लें.

बर्डवॉचिंग के लिए क्या ध्यान रखें?
दूरबीन अपने साथ जरूर ले जाएं. इससे दूर से पक्षियों को देखना आसान हो जाता है.
आरामदायक जूते पहनना अच्छा रहता है अगर आप कुछ घंटे पैदल घूमने का प्लान बना रहे हैं.
सुबह जल्दी जाना अक्सर सबसे अच्छा समय होता है. मौसम भी सुहाना रहता है और सनराइज के समय नजारा शानदार रहता है.
आप बर्डवॉचिंग में नए हैं, तो एक स्थानीय गाइड की मदद लें. गाइड आपको प्रजातियों की पहचान करने और इलाके में घूमने में मदद कर सकता है.
वन्यजीवों से सम्मानजनक दूरी बनाए रखना और पक्षियों को उनके भोजन, आराम या घोंसले बनाते समय परेशान न करना याद रखें.

Soumya Chaurasia
Soumya Chaurasia

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