कुएं से प्रकट हुए थे बप्पा, जानें काणिपाकम विनायक मंदिर दर्शन से जुड़ी जरूरी जानकारी

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आंध्र प्रदेश के कानीपकम मंदिर में गणेश जी की मूर्ति कुएं के अंदर स्थित है। माना जाता है यहां बप्पा की मूर्ति स्वयं प्रकट हुई थी। इतना ही नहीं यह भी माना जाता है कि धीरे-धीरे इस मूर्ति का आकार बड़ा हो रहा है। गणेश चतुर्थी के मौके पर हर साल लाखों श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। आप भी अगर यहां दर्शन का प्लान बना रही हैं, तो यह आर्टिकल आपके काम आएगा। यहां कैसे पहुंच सकते हैं और गणेश उत्सव के दौरान दर्शन करना क्यों अच्छा माना जाता है, इसके बारे में हम विस्तार से बताएंगे।

Kanippakam Vinayaka Temple

काणिपकम विनायक मंदिर कैसे पहुंचें?

यह मंदिर आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के काणिपकम गांव में स्थित है। यहां पहुंचने में आपको परेशानी नहीं होगी, क्योंकि रास्ता अच्छा है और साधन भी निल जाते हैं। चित्तूर शहर से करीब 11-12 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद आप यहां दर्शन के लिए पहुंचेगे। यहां पहुंचने के लिए चित्तूर रेलवे स्टेशन सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है।

अगर आप फ्लाइट से यहां दर्शन का प्लान बना रही हैं, तो तिरुपति एयरपोर्ट से पहुंचना आसान रहेगा। मंदिर से करीब 80-90 किलोमीटर की दूरी पर यह स्थित है।
सड़क से दर्शन का प्लान बना रहे यात्री चित्तूर और तिरुपति से काणिपकम के लिए सीधी बसें ले सकते हैं। चित्तूर से मंदिर की दूरी कम होने की वजह से जाना काफी आसान रहता है।
मंदिर में सुबह बहुत जल्दी दर्शन शुरू हो जाते हैं। अगर आप भीड़ से बचना चाहती हैं, तो सुबह का समय अच्छा रहेगा। हालांकि, गणेश चतुर्थी और ब्रह्मोत्सव के दौरान यहां काफी भीड़ रहती है।

Ganesh Temple Andhra Pradesh
काणिपकम विनायक मंदिर में कैसे प्रकट हुए थे बप्पा?

मंदिर से जुड़ी मान्यता के अनुसार कहा जाता है, तीन भाई को खेती के लिए पानी चाहिए। खेत में पानी पहुंचाने के लिए जब वे कुएं की खुदाई कर रहे थे, तब उन्हें नीचे एक पत्थर जैसी चीज दिखाई दी।

कहते हैं कि जब वह पत्थर हटाने की कोशिश करने लगे, तो उसमें से खून निकलने लगा और कुएं का पानी भी लाल हो गया, तब उस जगह को और खोदा गया और उसमें से भगवान विनायक की आकृति नजर आई तब से लोगों ने इसे भगवान गणेश का स्वयंभू रूप माना और उसी जगह पूजा शुरू कर दी।

निष्कर्ष- इससे आप समझ गए होंगे कि यह भारत के सबसे खास बप्पा के मंदिरों में से एक है। गणेश चतुर्थी के आसपास काणिपकम में गणेश उत्सव का माहौल भी रहता है, इसलिए इस समय यहां जाना आपको अच्छा लगेगा।

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