Sawan Recipe: रोज गुलकंद घेवर से सजाएं सावन की थाली, स्वाद ऐसा कि सब मांगेंगे रेसिपी

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सावन का महीना आते ही चारों तरफ हरियाली, शिव-भक्ति और हर-हर महादेव के बोल सुनाई पड़ते हैं। इस मौके पर महिलाएं अलग-अलग प्रकार के व्यंजन बनाती हैं। हालांकि, इस पर्व पर घेवर का अपना खास महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इसके लिए सावन की थाली अधूरी सी लगती है। अब ऐसे में बाजार में इस मिठाई की मांग बढ़ जाती है। अगर आप इस बार सादे मालईदार घेवर के बजाय कुछ नया ट्राई करना चाहती हैं, तो रोज गुलकंद घेवर जरूर बनाएं। गुलाब की भीनी-भीनी खुशबू और गुलकंद की ठंडक से भरा यह घेवर न सिर्फ देखने में बेहद खूबसूरत लगता है, बल्कि इसका स्वाद भी इतना लाजवाब होता है। आज के इस लेख में हम आपको इस घेवर को बनाने की आसान विधि बताने जा रहे हैं।

Rose Gulkand Ghevar recipe

रोज गुलकंद घेवर रेसिपी 

इस मिठाई को बनाने के लिए एक बड़े बर्तन या मिक्सी के जार में घी और बर्फ के टुकड़े डालकर फेंटें जब तक वह मक्खन की तरह सफेद न हो जाए। इसके बाद इसमें ठंडा दूध मिलाकर फेंटनें की प्रक्रिया फिर से शुरू करें। अब इसमें थोड़-थोड़ा मैदा और ठंडा पानी डालते हुए पतला और चिकना घोल बनाएं।

आखिरी में थोड़ा सा नींबू का रस मिलाकर बैटर को ठंडा रखने के बर्तन में बर्फ डालकर उसके ऊपर रखें। घेवर का बैटर बनने के बाद बारी आती है इस तलनें की। इसके लिए एक गहरे बर्तन में घी डालकर गर्म करें। जब यह अच्छे से गर्म हो जाए तो इसके बाद ठीक बीच में धार बनाकर एक-एक चम्मच बैटर डालें।
अब आप देखेंगी कि झाग बन रहा है। यह जब शांत हो, तो फिर बैटर डालें। इसी प्रकार 10-12 बार करें। बीच में बेलन या लकड़ी की मदद से छोद बनाते रहे हैं। जब घेवर किनारों से सुनहरा हो जाए, तो इसे किसी चीज की मदद से आराम से बाहर निकालें और छोटे छेद वाली थाली पर दें, ताकि एक्सट्रा घी निकल जाए।

ghevar

दूसरी तरफ कड़ाही में चीनी और पानी डालकर एक तार की चाशनी तैयार करें। इसके बाद गैस बंद करके इसमें गुलाब जल और गुलकंद डालकर चम्मच की मदद से मिक्स करें। अब घेवर के ऊपर चारों-तरफ धीरे-धीरे गर्म चाशनी डालें। इसके बाद घेवर के ऊपर गुलकंद की परत लगाकर कटे हुए मेवे और गुलाब की पंखुड़ियों से सजाएं। घेवर बनकर तैयार है। अब इसे आप सर्व कर सकती हैं।
घेवर को जालीदार बनाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

घेवर की जालीदार और क्रिस्पी बनावट के लिए बैटर का ठंडा होना बहुत जरूरी है।
घेवर बनाने वाली प्रक्रिया में घी का तेज गर्म होने के बाद ही बनाएं।

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