त्योहार पर बाजार से घी खरीदने से पहले जरूर करें यह 1 टेस्ट, मिलावट का तुरंत चलेगा पता

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त्योहारों का मौसम आते ही घरों में मिठाइयां, हलवा, लड्डू और कई तरह के पकवान बनाने की तैयारियां शुरू हो जाती है। इन सभी चीजों का स्वाद बढ़ाने के लिए घी का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में बाजार में घी की मांग भी बढ़ जाती है। ऐसे में सही क्वालिटी वाला घी चुनना जरूरी हो जाता है। कई बार हम लोग कम कीमत या आकर्षक पैकिंग देखकर घी खरीद लेते हैं, लेकिन उसकी शुद्धता पर ध्यान नहीं देते। इंटरनेट पर घी की मिलावट जांचने के कई घरेलू तरीके बताए जाते हैं, मगर हर तरीका भरोसेमंद नहीं होता। इसलिए घी खरीदते समय एक आसान जांच के साथ कुछ जरूरी बातों को समझना भी बेहद जरूरी है। नीचे लेख में जानें-

घी की शुद्धता जांचने के आसान तरीके

अगर आप त्योहार के लिए बाजार से घी खरीदने गई हैं, तो इसकी जांच करनी बहुत जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि आज के समय मार्केट में मिलावटी चीजों की भरमार हो रखी है। 

घी को खरीदने से पहले हथेली पर थोड़ा सा घी मलकर इसकी शुद्धता की जांच कर सकती हैं। शुद्ध घी शरीर की गर्मी से तुरंत पिघल जाता है और उसकी महक देर तक बनी रहती है, जबकि मिलावटी घी चिपचिपा छोड़ देता है। 

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घी को गर्म करके देखें

अगर आप घी का डिब्बा बाजार से खरीदकर ले आई हैं, तो इसे गर्म करके इसकी शुद्धता का पता लगा सकती हैं। आमतौर पर कहा जाता है कि शुद्ध घी गर्म करने पर जल्दी पिघलता है और उसमें अच्छी खुशबू आती है। घी की खुशबू दूध के स्रोत और उसे तैयार करने के तरीके के अनुसार बदल सकती है।

इसलिए अगर घी जल्दी पिघल जाए या उसमें अच्छी खुशबू आए, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसमें किसी तरह की मिलावट नहीं है।

आयोडीन टेस्ट वाला तरीका

अगर आप घी में आलू, शकरकंद या दूसरे स्टार्च वाले पदार्थों की मिलावट को लेकर परेशान हैं, तो आयोडीन टेस्ट कर सकती हैं। FSSAI ने घी में स्टार्च की मिलावट पहचानने के लिए परीक्षण संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई है।

इस जांच में घी के छोटे नमूने को पानी के साथ गर्म करके ठंडा किया जाता है और फिर आयोडीन की कुछ बूंदें डालकर रंग में बदलाव देखा जाता है।

स्टार्च मौजूद होने पर नीला रंग दिखाई दे सकता है। हालांकि, यह जांच सही तरीके से करना जरूरी है और परिणाम की पुष्टि के लिए विशेषज्ञ की सलाह ली जा सकती है। बता दें कि यह टेस्ट सभी तरह की मिलावट नहीं पकड़ता। इससे घी में वनस्पति तेल या दूसरे वसा पदार्थों की मिलावट की पुष्टि नहीं की जा सकती। 

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बाजार से घी खरीदते समय पैकेट पर जरूर देखें ये चीजें

बाजार से घी खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखकर आप शुद्ध घी पा सकती हैं। इसके लिए बस आपको कुछ चीजों पर गौर करने की जरूरत है। नीचे जानें- 

घी की शुद्धता को लेकर सावधानी बरतने का सबसे अच्छा तरीका खरीदारी के समय ही होता है। पैकेट खरीदते समय उस पर निर्माता का नाम, सामग्री, बैच नंबर, निर्माण और उपयोग की अंतिम तारीख जैसी जानकारी जरूर देखें।
पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर भी जांचें। अगर पैकेट फूला हुआ है, उसकी सील टूटी है या घी बाहर निकल रहा है, तो उसे खरीदने से बचें।
खुला घी खरीदते समय उसकी गुणवत्ता का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है, इसलिए भरोसेमंद विक्रेता से खरीदारी करना बेहतर है।
याद रखें कि पैकेट पर लाइसेंस नंबर होना जरूरी जानकारी है, लेकिन केवल नंबर देखकर प्रोडक्ट की शुद्धता की गारंटी नहीं मिलती। संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग से जांच के विकल्प के बारे में जानकारी ली जा सकती है।
अक्सर लोगों को लगता है कि शुद्ध घी का रंग हमेशा पीला और खुशबू तेज होती है। इसी वजह से वे खरीदते समय घी का रंग देखकर उसकी गुणवत्ता का अंदाजा लगाने की कोशिश करते हैं। 
घी का रंग दूध के स्रोत और बनाने की प्रक्रिया के अनुसार बदल सकता है। इसी तरह, घी की खुशबू भी उसकी तैयारी और भंडारण के तरीके से प्रभावित होती है। इसलिए हल्के रंग या कम खुशबू वाले घी को तुरंत मिलावटी नहीं कहा जा सकता।
अगर घी से असामान्य या बासी गंध आ रही है, उसमें गंदगी दिखाई दे रही है या पैकिंग खराब है, तो उसे खरीदने से बचें।

त्योहार पर घी का इस्तेमाल करते समय इन गलतियों से बचें

त्योहारों में मिठाइयां और पकवान बनाने के लिए ज्यादा मात्रा में घी खरीदा जाता है। ऐसे समय में सस्ता घी देखकर तुरंत खरीद लेना सही फैसला नहीं हो सकता। अलग-अलग ब्रांड की कीमत, पैकिंग, सामग्री और उत्पाद संबंधी जानकारी की तुलना करें।

त्योहार पर बाजार से घी खरीदने से पहले जरूर करें यह 1 टेस्ट, मिलावट का तुरंत  चलेगा पता

घी को इस्तेमाल करने के बाद हमेशा साफ और सूखे चम्मच से निकालें।
डिब्बे में पानी या खाने के दूसरे कण जाने से बचाएं और उसे अच्छी तरह बंद करके रखें।
इससे घी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
अगर किसी उत्पाद का स्वाद, गंध या रूप असामान्य लगे, तो उसे इस्तेमाल करना रोक दें।
पैकेट, बिल और बैच नंबर को सुरक्षित रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर विक्रेता या संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को जानकारी दी जा सके।

Soumya Chaurasia
Soumya Chaurasia

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