चिलचिलाती धूप में हो गए हैं हीट रैशेज, तो ये घरेलू नुस्खे आएंगे काम

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इस समय पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। इस चिलचिलाती गर्मी से हर कोई बेहाल है। गर्मी के चलते कुछ लोगों में डिहाइड्रेशन और स्ट्रोक जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि इस मौसम में घमौरियां यानी हीट रैशेज की समस्या भी लोगों में देखने को मिल रही है। पसीने होने पर तो ये काफी परेशान करती है। गर्मियों में होने वाले हीट रैशेज के चलते तो लोगों का उठना -बैठना तक मुश्किल हो जाता है। ये दिक्कत उन लोगों के लिए ज्यादा परेशानी भरी हो सकती है, जिनकी स्किन सेंसेटिव है। हीट रैशेज होने पर छोटे-छोटे दाने हो जाते हैं, जिनमें खुजली और जलन होने लगती हैं। आइए जानते हैं कि आखिर इन हीट रैशेज से कैसे बचा जाए-

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हीट रैशेज के कारण
दरअसल, गर्मियों में हीट रैशेज की समस्या ज्यादा होने लगती है। इसके चलते पोर्स ब्लॉक होने लगते हैं। ऐसे में घमौरियों वाले दाने निकलने लगते हैं। भीषण गर्मी में सिंथैटिक कपड़े पहनने से बचें। इसके कारण भी हीट रैशेज बढ़ जाते हैं। तेज धूप में बाहर निकलने पर भी शरीर पर घमौरियां हो सकती हैं।  इसके अलावा, ज्यादा टाइट कपड़े भी हीट रैशेज का कारण बन सकते हैं। 

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कैसे बचें हीट रैशेज से
हीट रैशेज से बचना है तो तेज धूप मेंन बाहर निकलने से परहेज करें। अगर किसी कारणवश आप बाहर जा रहे हैं तो छाता या हैट अपने साथ कैरी जरूर करें। गर्मियों में रोजाना नहाएं।इससे हीट रैशेज की समस्या कम हो सकती है। आप चाहें तो दिन में दो बार भी नहा सकते हैं। पसीने के कारण भी स्किन पोर्स बंद हो जाते हैं, जिससे हीट रैशेज होने लगते हैं। ऐसे में रोजाना अपने कपड़ो को बदलें। 

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आपको बता दें कि गर्मियों में सिंथैटिक कपड़ों को पहनने से बचें। हीट रैशेज से बचने के लिए कॉटन के हल्के रंग के कपड़े पहनें। इसके अलावा, आप नहाने के पानी में नीम का तेल या इसकी पत्तियां भी मिला सकते हैं। एंटी-बैक्टीरियल गुणों वाली नीम हीट रैशेज की समस्या को दूर करते हैं। 


 

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