खाने के बाद सीने में जलन और खट्टी डकारें करती हैं परेशान? Acidity से बचने के लिए ऐसी रखें अपनी डाइट
एसिडिटी का सीधा संबंध हमारी डाइट और लाइफस्टाइल से होता है। अगर आपको सीने में जलन और एसिड रिफ्लक्स की दिक्कत रहती है, तो आपको खान-पान पर खास ध्यान देना चाहिए। हो सकता है आप कुछ ऐसी चीजों को डाइट में शामिल कर रही हों, जिनसे आपकी परेशानी और बढ़ रही हो, लेकिन आपको इसके बारे में जानकारी न हो। चलिए डाइटिशियन से जानते हैं कि एसिड रिफ्लक्स को कम करने और एसिडिटी से बचने के लिए क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? आइये जानते हैं -

GERD क्या होता है?
गैस्ट्रोएसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) एक ऐसी पाचन स्थिति है जिसमें पेट का एसिड बार-बार भोजन नली (एसोफैगस) में वापस बहता है। इसके चलते खाना खाने के बाद सीने में जलन, मुंह में खट्टा पानी आना, खट्टी डकारें और गले में खिंचन जैसी दिक्कतें महसूस होती हैं। असल में GERD तब होता है जब पेट और भोजन नली (फूड पाइप) के बीच का वाल्व ठीक से बंद नहीं हो पाता, जिससे एसिड ऊपर की ओर आने लगता है। ऐसे में आपकी डाइट बहुत मायने रखती है। कुछ फूड्स इस वाल्व को ढीला कर देते हैं या एसिड की मात्रा बढ़ा देते हैं, जिससे रिफ्लक्स की समस्या और गंभीर हो जाती है। वहीं कुछ फूड्स इसे शांत करते हैं, इसलिए जिन लोगों को अक्सर एसिडिटी हो जाती है, उनके लिए खान-पान का सही चुनाव बहुत जरूरी है।
एसिडिटी में क्या न खाएं?
जिन लोगों को एसिडिटी की परेशानी रहती है, उन्हें या तो इन चीजों को पूरी तरह अवॉइड करना चाहिए या इन्हें सीमित मात्रा में लेना चाहिए।

मिर्च और मसालेदार खाना
लाल मिर्च, काली मिर्च, तीखी चटनी और हरी मिर्च से परहेज करें।
समोसा, पकौड़े, पूरी, कचौड़ी और फ्राइज को अवॉइड करें।
कॉफी, एनर्जी ड्रिंक्स, सिट्रस जूस और अल्कोहल जैसे एसिडिटी व फर्मेंटेड ड्रिंक्स को बिल्कुल न पिएं।
एसिडिटी में क्या खाएं?
अगर आप एसिड रिफ्लक्स को कम करना चाहती हैं, तो डाइट में इन चीजों को जरूर शामिल करें।
कम एसिडिट या अल्कलाइन फल, जैसे केला, पपीता, तरबूज और खरबूज।
मूंग दाल, टोफू, पनीर और सोयबीन को डाइट का हिस्सा बनाएं।
पानी, नारियल पानी, सौंफ का पानी और छाछ एसिड को शांत करने में मदद करते हैं।

