Child Health Care Tips: कभी बारिश, कभी गर्मी… बदलते मौसम में बच्चे को खांसी-जुकाम से ऐसे बचाएं

WhatsApp Channel Join Now

देश के अधिकतर हिस्सों में कभी बारिश तो कभी धूप-गर्मी का मौसम बना हुआ है. ऐसे में उन लोगों को सर्दी-जुकाम जल्दी हो जाती है जिनकी इम्यूनिटी कमजोर हो. बच्चों पर इसका डर ज्यादा बना रहता है. बदलते मौसम में जुकाम या कोल्ड-कफ की प्रॉब्लम लोगों को जल्दी अपनी चपेट में ले लेती है. दरअसल, कोविड के बाद अधिकतर लोग इम्यूनिटी के लिए अलर्ट हो गए हैं लेकिन इस बीमारी के बाद जन्मे ज्यादातर बच्चों लो इम्यून सिस्टम का शिकार हैं. मौसम में बदलाव के कारण शरीर का तापमान इससे प्रभावित होता है और खांसी-जुकाम की शिकायत हो जाती है. कमजोर इम्यून सिस्टम के अलावा लोगों का खानपान भी इस तरह का है कि पोषक तत्व भी नहीं मिल पाते हैं.

ऐसे में कई बीमारियां भी लोगों को छोटी उम्र में ही अपना शिकार बना रही हैं. चलिए आपको बताते हैं कि बदलते मौसम के बीच कोल्ड से बच्चों को किस तरह सेफ रखा जा सकता है. अगर किसी को खांसी-जुकाम हो गई है तो उसे किन नेचुरल तरीकों से ठीक किया जा सकता है.

मौसम में बदलाव के कारण खांसी-जुकाम
ये सवाल या कंफ्यूजन बनी रहती है कि आखिर बच्चों या कुछ लोगों को बदलते मौसम में क्यों जुकाम हो जाती है? एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब मौसम में बदलाव होता है तो तापमान भी बदलता है. ऐसे में हमारे शरीर का तापमान वातावरण से मेल नहीं खाता है और उतार-चढ़ाव के कारण इम्यून सिस्टम प्रभावित होता है. बच्चों की इम्यूनिटी कम होती है और इस वजह से उन्हें आसानी से कोल्ड कफ हो जाता है. जानें बच्चों को खांसी-जुकाम से कैसे बचाएं?

Clove Home Remedy For Cold And Cough In Kids

देसी चीजों की भाप
बच्चे की इम्यूनिटी कमजोर है और उसे आसानी से सर्दी-खांसी हो जाती है तो इसके लिए भाप के देसी इलाज को अपनाएं. ये तरीका न सिर्फ उनकी चेस्ट को क्लीन करता है बल्कि इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है. एक बर्तन में पानी गर्म करें और इसमें तुलसी, दालचीनी और लौंग जैसी चीजें डालें. इनकी नेचुरल एयर चेस्ट को साफ करती है और जुकाम में राहत भी मिलती है. ये एक तरह का इंफेक्शन होता है जिसे कम करने के लिए तुलसी जैसी देसी चीजें बेहद काम आती हैं.

आयुर्वेदिक पौटली
बच्चा हो या बड़ा.. जिन्हें जुकाम हो गया है, उन्हें आयुर्वेदिक तरीके भी आजमाने चाहिए. बच्चा छोटा है तो सोते समय उसके पास आयुर्वेदिक पौटली बनाकर रख दें. इसके लिए तवे पर दालचीनी, लौंग, अजवाइन और जायफल जैसे मसालों को भूनें. भून लेने के बाद इसमें कपूर के टुकड़े डालें और सूती कपड़े में अच्छे से बांध दें. इस पौटली को सोते हुए बच्चे के पास रख दें. इसकी खुशबू से भी जुकाम में राहत मिलती है.

पान-अजवाइन का नुस्खा
आप चाहे तो अपने बच्चे को पान और अजवाइन का पानी दे सकते हैं. इसके लिए एक बर्तन में दो से तीन पान लें और इसमें एक चम्मच अजवाइन डाल दें. उबाल आने के बाद इसे ठंडा होने दें और बच्चे को कम मात्रा में इसे पिलाएं. इससे न सिर्फ बच्चे की छाती साफ होगी बल्कि पाचन में भी सुधार आता है. जिन बच्चों को पेट की समस्याएं रहती हैं उन्हें अक्सर इसका पानी पिलाना चाहिए.

अदरक, काली मिर्च और शहद
सर्दी-खांसी से बचने का ये बेहतरीन आयुर्वेदिक नुस्खा है. अदरक के कुछ टुकड़ें लें और इन्हें अच्छे से कद्दूकस करके रस निकाल लें. अब इसमें थोड़ी काली मिर्च और एक चम्मच शहद मिलाएं. ये नुस्खा बच्चे की इम्यूनिटी को बूस्ट करेगा क्योंकि अदरक और काली मिर्च में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं. काली मिर्च विटामिन सी का बड़ा सोर्स है और ये तत्व हमारी इम्यून सिस्टम को बूस्ट या स्ट्रांग बनाता है.

Share this story