Brown Rice vs Quinoa: फाइबर के मामले में कौन है आगे? जानें
आजकल सेहत को लेकर जागरूक लोग अपनी डाइट में चावल के ऑप्शन तलाश रहे हैं। वजन घटाने और बेहतर पाचन के लिए अक्सर ब्राउन राइस और क्विनोआ (Quinoa) का नाम सबसे ऊपर आता है, लेकिन जब बात फाइबर की आती है, तो इन दोनों में से कौन सा अनाज ज्यादा फायदेमंद है? यूएसडीए (USDA) के न्यूट्रिशन डेटा और एक्सपर्ट के आधार पर समझते हैं कि आपकी सेहत के लिए क्या बेहतर है? जानते हैं आगे...
Brown Rice vs Quinoa: किसमें कितना होता है फाइबर?
यदि 100 ग्राम पके हुए अनाज के आधार पर तुलना की जाए, तो दोनों के पोषक तत्वों में काफी अंतर देखने को मिलता है-
100 ग्राम पका हुआ क्विनोआ: लगभग 2.8 ग्राम फाइबर प्रदान करता है।
100 ग्राम पका हुआ ब्राउन राइस: लगभग 1.6 से 1.8 ग्राम फाइबर देता है।
इसका मतलब है कि क्विनोआ में ब्राउन राइस की तुलना में करीब 50 से 75 प्रतिशत अधिक फाइबर होता है। हालांकि, दोनों ही अनाज शरीर की दैनिक फाइबर जरूरतो को पूरा करने में मदद करते हैं, लेकिन उतनी ही मात्रा में खाने पर क्विनोआ से आपको ज्यादा फाइबर मिलता है।

शरीर के लिए क्यों जरूरी है फाइबर?
फाइबर युक्त भोजन सिर्फ पेट साफ रखने और पाचन दुरुस्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके कई अन्य बड़े फायदे भी हैं-
भूख पर नियंत्रण: 'न्यूट्रिशन रिव्यूज' में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, फाइबर से भरपूर भोजन पचने में थोड़ा ज्यादा समय लेता है। इससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और आप बार-बार अनहेल्दी खाने से बचते हैं।
गंभीर बीमारियों का खतरा कम: मेडिकल जर्नल 'द लैंसेट' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादा फाइबर खाने से टाइप-2 डायबिटीज, दिल की बीमारियों और कोलन (आंत) के कैंसर का जोखिम काफी कम हो जाता है।
फाइबर ही नहीं, प्रोटीन में भी आगे है क्विनोआ
ब्राउन राइस और क्विनोआ के बीच का अंतर केवल फाइबर तक ही सीमित नहीं है। प्रोटीन और अन्य सूक्ष्म पोषक तत्वों (Micronutrients) के मामले में भी क्विनोआ काफी आगे है।
प्रोटीन की मात्रा: 100 ग्राम पके क्विनोआ में करीब 4.4 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि इतनी ही मात्रा के ब्राउन राइस में केवल 2.3 से 2.7 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।
कम्प्लीट प्रोटीन: क्विनोआ को 'कम्प्लीट प्रोटीन' माना जाता है क्योंकि इसमें शरीर के लिए जरूरी सभी 9 एसेंशियल एमीनो एसिड मौजूद होते हैं। वहीं, पारंपरिक अनाज होने के कारण ब्राउन राइस में कुछ एमीनो एसिड की कमी होती है।
जरूरी मिनरल्स: क्विनोआ में मैग्नीशियम, आयरन और फोलेट जैसे पोषक तत्व भी अधिक मात्रा में पाए जाते हैं।
किसे खाने से लंबे समय तक नहीं लगेगी भूख?
अगर आपका लक्ष्य ऐसा खाना चुनना है, जिससे पेट देर तक भरा रहे, तो क्विनोआ एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। इसमें फाइबर और प्रोटीन दोनों की मात्रा ज्यादा होने के कारण यह सेफ्टी का अहसास ज्यादा देता है। हालांकि, पेट भरा रहना केवल अनाज पर निर्भर नहीं करता, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप उसे किस तरह और किन सब्जियों, दालों या हेल्दी फैट्स के साथ पकाकर खा रहे हैं।
ब्राउन राइस या क्विनोआ: किसे शामिल करें अपनी थाली में?
अपनी जरूरतों और बजट के हिसाब से आप सही ऑप्शन चुन सकते हैं-
1. क्विनोआ आपके लिए सही है यदि आप चाहते हैं:
प्रति सर्विंग ज्यादा फाइबर
भोजन में प्रोटीन की अधिक मात्रा
सभी आवश्यक एमीनो एसिड्स से भरपूर प्लांट प्रोटीन
पोषक तत्वों से भरपूर नया विकल्प
2. ब्राउन राइस आपके लिए सही है यदि आप चाहते हैं-
रोजमर्रा के खाने में आसानी से घुल-मिल जाने वाला स्वाद
बजट के अनुकूल और किफायती अनाज
भारतीय दाल और करी के साथ खाया जाने वाला परिचित विकल्प
होल-ग्रेन कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत

निष्कर्ष
यदि आपकी पहली प्राथमिकता केवल फाइबर और प्रोटीन बढ़ाना है, तो क्विनोआ निश्चित रूप से ब्राउन राइस से बाजी मार लेता है। हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि ब्राउन राइस सेहत के लिए खराब है। यह भी एक पौष्टिक होल-ग्रेन है, जिसे अपनी रोजमर्रा की डाइट में आसानी से शामिल किया जा सकता है।

