Breakfast Tips: सुबह उठने के कितनी देर बाद नाश्ता करना चाहिए? एक्सपर्ट ने बताया

WhatsApp Channel Join Now

नाश्ते को लेकर भारतीयों में अलग-अलग तरह के मिथक चलते हैं. इनमें से एक टाइमिंग को लेकर भी कंफ्यूजन रहती है. सुबह उठने के कितनी देर बाद नाश्ता करना चाहिए, एक्सपर्ट से जानें...

नाश्ता से जुड़ी कुछ गलतियां रोजाना दोहराई जाए तो डायबिटीज का खतरा तक रहता है. आज के समय में लोग ब्रेकफास्ट न करके सीधे लंच करने लगते हैं. इसे ब्रंच कहा जाता है. पर ब्रेकफास्ट को नजरअंदाज करना आगे चलकर काफी भारी पड़ सकता है. इसलिए ये सवाल उठता है कि सुबह उठने के बाद कब नाश्ता करना सबसे बेस्ट है? डॉक्टर से जानें..

नाश्ता से जुड़ी कुछ गलतियां रोजाना दोहराई जाए तो डायबिटीज का खतरा तक रहता है. आज के समय में लोग ब्रेकफास्ट न करके सीधे लंच करने लगते हैं. इसे ब्रंच कहा जाता है. पर ब्रेकफास्ट को नजरअंदाज करना आगे चलकर काफी भारी पड़ सकता है. इसलिए ये सवाल उठता है कि सुबह उठने के बाद कब नाश्ता करना सबसे बेस्ट है?  जानें..

ऋचा शर्मा (कंसल्टेंट डायटेटिक्स, कैलाश दीपक हॉस्पिटल) कहती हैं कि सुबह उठते ही नाश्ता कर लेना चाहिए या थोड़ी देर बाद करना बेहतर है. इसका कोई एक फिक्स नियम नहीं है. हालांकि, सुबह उठने के करीब दो घंटे के अंदर नाश्ता करना एक अच्छा तरीका हो सकता है, खासकर अगर आपको भूख लग रही है. सुबह उठते ही नाश्ता कर लेना चाहिए या थोड़ी देर बाद करना बेहतर है. इसका कोई एक फिक्स नियम नहीं है. हालांकि, सुबह उठने के करीब दो घंटे के अंदर नाश्ता करना एक अच्छा तरीका हो सकता है, खासकर अगर आपको भूख लग रही है.

अब नाश्ते के टाइम का ध्यान रखना क्यों जरूरी है? हमारे शरीर में एक नेचुरल 24 घंटे की घड़ी होती है, जिसे सर्केडियन रिदम कहते हैं. यह हमारी नींद, हार्मोन्स, डाइजेशन और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है. रिसर्च बताती है कि दिन में थोड़ा जल्दी खाना मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए बेहतर हो सकता है, बजाय इसके कि आप खाना बहुत देर से शुरू करें या रात में देर से खाएं. हालांकि, उठते ही तुरंत नाश्ता करना जरूरी नहीं है.अब नाश्ते के टाइम का ध्यान रखना क्यों जरूरी है? हमारे शरीर में एक नेचुरल 24 घंटे की घड़ी होती है, जिसे सर्केडियन रिदम कहते हैं. यह हमारी नींद, हार्मोन्स, डाइजेशन और मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है. रिसर्च बताती है कि दिन में थोड़ा जल्दी खाना मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए बेहतर हो सकता है, बजाय इसके कि आप खाना बहुत देर से शुरू करें या रात में देर से खाएं. हालांकि, उठते ही तुरंत नाश्ता करना जरूरी नहीं है.

अगर आप सुबह 7 बजे उठते हैं, तो 8 से 9 बजे के बीच नाश्ता करना ठीक हो सकता है. अगर आपको भूख नहीं लगी है, तो जबरदस्ती खाने की जरूरत नहीं है. इसके अलावा, सिर्फ नाश्ता कब कर रहे हैं यह जरूरी नहीं है, बल्कि उसमें क्या खा रहे हैं, यह भी उतना ही जरूरी है.अगर आप सुबह 7 बजे उठते हैं, तो 8 से 9 बजे के बीच नाश्ता करना ठीक हो सकता है. अगर आपको भूख नहीं लगी है, तो जबरदस्ती खाने की जरूरत नहीं है. इसके अलावा, सिर्फ नाश्ता कब कर रहे हैं यह जरूरी नहीं है, बल्कि उसमें क्या खा रहे हैं, यह भी उतना ही जरूरी है.

नाश्ते में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट शामिल करें, ताकि पेट भरा रहे और दिनभर एनर्जी बनी रहे. इसलिए किसी फिक्स टाइम को फॉलो करने के बजाय अपनी मॉर्निंग रूटीन को नियमित रखें. अगर आपको अक्सर सुबह भूख नहीं लगती या देर रात डिनर करने की आदत है, तो अपनी डाइट को लेकर डाइटीशियन से सलाह लेना बेहतर है.नाश्ते में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट शामिल करें, ताकि पेट भरा रहे और दिनभर एनर्जी बनी रहे. इसलिए किसी फिक्स टाइम को फॉलो करने के बजाय अपनी मॉर्निंग रूटीन को नियमित रखें. अगर आपको अक्सर सुबह भूख नहीं लगती या देर रात डिनर करने की आदत है, तो अपनी डाइट को लेकर डाइटीशियन से सलाह लेना बेहतर है.
 

Share this story