क्या है ब्लाइंड पिंपल्स? चेहरे को ये कैसे पहुंचाते हैं नुकसान? जानें इन्हें ठीक करने के उपाय

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ब्लाइंड पिंपल्स भी एक तरह के पिंपल्स होते हैं जो स्किन में गहराई तक अपने पांव पसारे रहते हैं। ब्लाइंड पिंपल्स नॉर्मल पिंपल्स की तरह ऊपर उभरकर नहीं आते। हालांकि इनमें दर्द और सूजन की समस्या जरूर होती है। इनसे छुटकारा पाना थोड़ा मुश्किल होता है। क्योंकि ये त्वचा के नीचे पैदा होते हैं। ब्लाइंड पिंपल्स स्किन पर वैसे तो साफ-साफ दिखाई नहीं देते, हालांकि ध्यान देने पर इन्हें नोटिस जरूर किया जा सकता है। इनकी खासियत यह होती है कि ये त्वचा पर अपनी छाप छोड़े बगैर गायब हो जाते हैं। आइए जानते हैं उन उपायों के बारे में, जिनकी मदद से आप ब्लाइंड पिंपल्स से अपना बचाव कर सकते हैं और इनसे आसानी से छुटकारा पा सकते हैं -

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अपने चेहरे पर गंदे हाथ न लगाएं

आपके हाथ दिनभर में ऐसी कई चीजों को छूते हैं, जिनपर बड़ी संख्या में बैक्टीरिया पाए जाते हैं। अगर आप अपने चेहरे को गंदे हाथों से छुएंगे तो ये बैक्टीरिया आपकी स्किन में आसानी से एंटी कर जाएंगे और फिर ब्लाइंड पिंपल्स या कॉमन पिंपल्स का कारण बनेंगे। अपने फेस को छूने से पहले हाथ जरूर धोएं। 

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पिंपल को फोड़ने से बचें

ब्लाइंड पिंपल्स को फोड़ने या दबाने से इनमें सूजन पैदा हो सकती है और तो और तेज दर्द की समस्या भी दिक्कत बन सकती है। चाहे ब्लाइंड पिंपल्स हों या फिर नॉर्मल पिंपल्स, आपको हर तरह के पिंपल्स को फोड़ने से और इसे दबाने से बचना चाहिए।  

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सिकाई करें

ब्लाइंड पिंपल्स में दर्द और सूजन को कम करने के लिए आप सिकाई का विकल्प चुन सकते हैं। आपको बस एक साफ कपड़ा गर्म पानी में डुबोना है और पानी निचोड़कर पिंपल की अच्छे से सिकाई करनी है। आप दिन में ऐसा कई बार कर सकते हैं।

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रेगुलर एक्सफोलिएट करें

स्किन को एक्सफोलिएट करने से डेड स्किन सेल्स को रिमूव करने में काफी मदद मिलती है, जो स्किन पोर्स को बंद करने और पिंपल्स को पैदा करने का कारण बनते हैं। आप ऐसे एक्सफोलिएटर का इस्तेमाल करें, जिसमें सैलिसिलिक एसिड या अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड मौजूद हो। ये तत्व पिंपल्स को बनने से रोकने का काम करते हैं। 

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हेल्दी स्किनकेयर रूटीन अपनाएं

स्किन की देखभाल के लिए हमेशा हेल्दी स्किनकेयर रूटीन अपनाएं। अपने चेहरे को दिनभर में दो बार सॉफ्ट क्लीन्जर से वाश करें और ऐसा मॉइस्चराइजर लगाएं, जो नॉन-कॉमेडोजेनिक हो, जिसका मतलब है कि ये आपके स्किन पोर्स को बंद नहीं करेगा। इसके अलावा स्किन को हानिकारक यूवी रेडिएशन से बचाने के लिए वक्त-वक्त पर सनस्क्रीन जरूर लगाएं। 

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