यूनिसेफ ने ब्रिटेन की फंडिंग में कमी को लेकर खेद जताया

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संयुक्त राष्ट्र। यूनिसेफ ने गुरुवार को एजेंसी को फंडिंग कम करने के ब्रिटिश सरकार के फैसले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।

सिन्हुआ समाचार एजेंसी ने संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी के दिए एक बयान के हवाले से कहा, हम दुनिया भर में लाखों बच्चों के लिए अपने मानवीय और विकास कार्यक्रमों को बनाए रखने के लिए इन्हीं संसाधनों पर निर्भर रहते हैं। संकट की इस घड़ी में उन तक पहुंचने के लिए हमारी मदद करें।

बयान में आगे कहा गया, इन महत्वपूर्ण निधियों में किसी भी प्रकार की कटौती कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए गंभीर परिणाम होंगे। विशेष रूप से अब जब कोविड-19 महामारी के चलते आवश्यक शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और जल सेवाओं की आवश्यकता वाले लोगों की संख्या में वैश्विक वृद्धि हुई है।

बयान के मुताबिक, हमारा अनुमान है कि महामारी के कारण 15 करोड़ अतिरिक्त बच्चे बहुआयामी गरीबी में जी रहे हैं।

इसमें आगे कहा गया, यूनिसेफ के कार्यक्रमों पर ब्रिटिश फंडिंग की कटौती के पूर्ण प्रभाव को अभी जानना जल्दबाजी होगी, लेकिन शुरूआती संकेत एक खतरनाक तस्वीर पेश करते हैं।

ब्रिटिश सरकार ने यूनिसेफ के कोर फंडिंग में 60 प्रतिशत तक की कटौती करने की घोषणा की है।

इसके अलावा, इसने स्थानीय, क्षेत्रीय और वैश्विक स्तरों पर यूनिसेफ प्रोग्रामिंग के लिए निर्धारित योगदान में भी कटौती की घोषणा की है।

बयान कहती है, ब्रिटिश सरकार लंबे समय से दुनिया भर के बच्चों के लिए यूनिसेफ के काम के लिए एक महत्वपूर्ण भागीदार रही है। हम समझ पा रहे हैं कि वर्तमान समय में सरकारों के सामने चुनौतीपूर्ण वित्तीय स्थिति है, लेकिन बच्चों की बुनियादी जरूरतों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। हम दुनिया भर के बच्चों के लिए किए जा रहे अपने काम में ब्रिटिश सरकार का साथ आगे भी चाहते हैं । हमें यकीन है कि सरकार 0.7 प्रतिशत जीएनआई (सकल राष्ट्रीय आय) सहायता खर्च करने के अपने लक्ष्य को जल्द से जल्द बहाल करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करेगी।

--आईएएनएस

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