चकिया ब्लाक के नरहरपुर में प्रधान प्रत्याशी का आरोप, पहले से खुली हुई थी मतपेटिका, आपत्ति पर नहीं हुई सुनवाई 

Chandauli News

चंदौली। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का परिणाम सोमवार की शाम तक सभी ब्लाकों से आ गया। इसी बीच चकिया ब्लाक के मवइया क्षेत्र पंचायत के नरहरपुर गांव के प्रधान पद की प्रत्याशी रितु पाल के समर्थकों ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाया है। समर्थकों के अनुसार मतगणना के समय अनाउंसमेंट नहीं किया गया और जब  किसी ने हम लोगों को बताया कि अंदर आप की काउंटिंग शुरू हो  गयी है। वहां पहुंचे तो मतपेटिका खुली हुई थी। 

रितु पाल के पति के अनुसार जब एसडीएम साहब से शिकायत की तो उन्होंने हमें वहां से भगा दिया और कहा कि मैंने खोलवाया है जबकि हमारे कोई अभिकर्ता अंदर नहीं थे। फिलहाल प्रत्याशी के पति ने जिलाधिकारी से इस सम्बन्ध में शिकायत की है। 

इस सम्बन्ध में प्रत्याशी रितु पाल के पति ने बताया कि सोमवार को जब काउंटिंग शुरू हुई तो अनाउंसमेंट नहीं हुआ। हमें जब दूसरों से पता चला तो हम अंदर गए तो उस समय यहाँ के पूर्व प्रधान और जो की इस बार बीडीसी लड़े हैं वो बाहर निकल रहे थे। उसके बाद हम अंदर गए तो हमारे विपक्षी और वहां काउंटिंग के लिए बैठे लोग मतपेटिका खोल चुके थे जबकि वहां हमारी तरफ से कोई नहीं था। 

हमने जब उनसे पूछा की मतपेटिका कैसे खोल दी गयी बिना हमारे आये तो वो बोले की अब तो खुल गयी। उस समय एक व्यक्ति जो पेटी पकडे था उसका हाथ पेटी के अंदर था और कई मतपत्र नीचे गिरे हुए थे। मैंने हंगामा किया तो वह व्यक्ति वहां से खिसक गया और तभी वहां एसडीएम साहब आ गए उन्होंने कहा मैंने खुलवाई है मतपेटिका तो मैंने कहा कि ठीक यही मुझे वीडि‍यो फुटेज दिखाइए रिकार्डिंग की रिवर्स करके तो वो भड़क गए और हमारे सभी अभिकर्ताओं और हमें वहां से बाहर निकाल दिया। 

प्रत्याशी पति ने बताया कि हमने इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी संजीव सिंह से बात की तो उन्होंने कार्रवाई के लि‍ये आश्वासन दिए पर बूथ नंबर 117 की रिकाउंटिंग नहीं की गयी और न ही मुझे रिकार्डिंग दिखाई गयी।

वहीं खंड विकास अधिकारी सरिता सिंह पर अन्य प्रत्याशियों ने धांधली का आरोप लगाया है। आरोप यह है कि खंड विकास अधिकारी सरिता सिंह ने मतगणना स्थल पर जिस व्यक्ति को कैंटीन संचालन का कार्यभार दिया है उसकी पत्नी बीडीसी प्रत्याशी भी है और उपेंद्र बहादुर सिंह निवर्तमान ग्राम प्रधान भी हैं, तो कैसे इसको कैंटीन संचालन का मतगणना के दौरान कार्यभार दे दिया गया है, जबकि किसी को भी ऐसे समय में कार्यभार नहीं दिया जा सकता है, जिससे मतगणना प्रभावित होने की आशंका है।

जबकि प्रत्याशीगण रितु पाल, सरोज कुमार, गुना देवी का आरोप है कि बीडीओ साहिबा द्वारा मतगणना के दौरान जानबूझकर कैंटीन चलाने का कार्यभार ऐसे व्यक्ति को दिया गया था जो कि मतगणना के दौरान धांधली करके रिजल्ट को प्रभावित कर सके। 

मधु सिंह जोकि उपेंद्र बहादुर सिंह की पत्नी है बीडीसी प्रत्याशी हैं ने बताया कि‍ उपेंद्र बहादुर सिंह को कैंटीन संचालन का कार्यभार इसीलिए दिया ही गया था जिससे कि उपेंद्र बहादुर सिंह आसानी से मतगणना स्थल पर चाय पान देने के बहाने आ जा सके और बीडीसी व प्रधान पद के अपने समर्थक को जिताने में अपनी भूमिका आसानी से अदा कर सकें। 

शिकायतकर्ताओं के इस आरोप में बल भी मिलता है कि मतपेटी का सील टूटा क्यों था। यह प्रशासन को संदेह के घेरे में लाने के लिए पर्याप्त है। आरोप में कहीं न कहीं दम दिख रहा है। शिकायत कर्ताओं की मांग है कि अगर प्रशासन ईमानदार है व इमानदारी से कार्य कर रहा है तो वहां के रिटर्निंग ऑफिसर, खंड विकास अधिकारी व जिले के अन्य प्रशासन के लोग सीसी फुटेज देने व मत पत्र क्रमांक को मिलाने में असहज क्यों महसूस कर रहे हैं। यह कहीं ना कहीं दाल में काला होने के समान है।

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