स्व. प्रेम सागर का जीवन हम सबके लिए प्रेरणाप्रद : स्वान्त रंजन
लखनऊ,01 मार्च (हि.स.)। कैसरबाग स्थित भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश कार्यालय के सभागार में रविवार को स्व. प्रेम सागर मिश्र की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वान्त रंजन ने कहा कि प्रेम सागर मिश्र का जीवन हम सबके लिए प्रेरणाप्रद हैं। संघ के स्वयंसेवक के नाते जीवनभर उनका आचरण व व्यवहार रहा। उनके कार्य को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
स्वांत रंजन ने कहा कि स्व. प्रेम सागर जीवनपर्यन्त अपना धर्म समझकर कार्य करते रहे। छोटे-छोटे कार्यकर्ताओं की चिंता करना उनके जीवन का अंग था। वह अहंकार शून्य थे। प्रेम सागर के जीवन के जो गुण थे, उसे हमें आगे बढ़ाते रहना है। वह निःस्वार्थ भाव से संघ कार्य करते रहे। वह संघ कार्य को ईश्वरीय कार्य मानते थे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल ने कहा कि जब मैं लखनऊ आया तो उनसे मिलने का अवसर मिला। वह जब भी मिले बीएसएस की समस्याओं को नहीं बल्कि पुराने कार्यकर्ताओं के बारे में बताते थे। कैसे-कैसे कार्यकर्ताओं ने संगठन का काम खड़ा किया। कार्यकर्ता निर्माण की चिंता ही उनकी पूंजी थी। हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संघठन मंत्री अनुपम कुमार ने कहा कि उन्हें जीवन भर काम करते हुए देखा है। वह जीवनपर्यंत कार्यकर्ता भाव से काम करते रहे। उनका नियमित व्यायाम और संघठन का निरन्तर कार्य, हम सबके लिए प्रेरणादायी है। वह संघ को जीते थे।
भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश संगठन मंत्री राम निवास सिंह ने कहा कि ट्रेड युनियन की बारीकियां कार्यकर्ताओं को उनसे सीखने को मिली। बड़े पदाधिकारी होने के बावजूद वर्तमान के कार्यकर्ताओं के साथ सामंजस्य बनाकर उन्होंने काम किया।
राष्ट्रधर्म के प्रभारी निदेशक सर्वेश द्विवेदी ने बताया कि बीएमएस की ओर से असंगठित क्षेत्र में काम करने के लिए सबसे पहले प्रेम सागर को भेजा गया। यद्पि काम कठिन था फिर भी उन्होंने उस क्षेत्र में काम खड़ा किया। इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखा और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन