सावन में मनकामेश्वर मंदिर पर उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, पर्यटन सुविधाओं का हो रहा विकास
-एक ही परिसर में स्थित है राधाकृष्ण एवं मनकामेश्वर मंदिर
झांसी, 16 अगस्त (हि.स.)। सावन के पावन महीने में झांसी शहर के टौरिया नरसिंह राव मोहल्ले में स्थित प्राचीन मनकामेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। मंदिर में भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। एक ही परिसर में स्थित राधाकृष्ण एवं मनकामेश्वर मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग की ओर से यहां सुविधाओं के विकास का कार्य कराया जा रहा है।
स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर योगी सरकार ने मंदिर परिसर में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की पहल की है। विकास कार्य पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को दर्शन-पूजन के साथ अन्य जरूरी सुविधाएं भी बेहतर तरीके से मिल सकेंगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मंदिर परिसर में चल रहे विकास कार्यों को इस वर्ष दीपावली से पहले पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है।
बताया जाता है कि राधाकृष्ण मंदिर का अस्तित्व वर्ष 1936 से भी पहले का है। उस समय माधव महाराज मंदिर के पुजारी हुआ करते थे और मंदिर में राधा-कृष्ण की लकड़ी की मूर्तियां स्थापित थीं। बाद में यहां अष्टधातु की मूर्तियों की स्थापना की गई। मंदिर से जुड़ी मान्यता और आस्था आज भी स्थानीय लोगों के बीच कायम है।
मंदिर परिसर में करीब 25 वर्ष पहले स्वयं बेलपत्र का वृक्ष उग आया। इसके बाद यहां शिवलिंग की स्थापना की गई और श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने लगे। धीरे-धीरे इसी परिसर में मनकामेश्वर मंदिर की स्थापना हुई। सावन में भगवान शिव की आराधना के लिए यहां विशेष भीड़ रहती है।
मंदिर के पुजारी अम्बरीष तिवारी के अनुसार, श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को देखते हुए सरकार ने मंदिर के विकास की पहल की है। पर्यटन सुविधाओं के विकसित होने से मंदिर की धार्मिक महत्ता के साथ-साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधाएं मिलेंगी। विकास कार्य पूरा होने के बाद यह स्थान धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी और अधिक आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया