सभ्यताएं करवट लेती रहती हैं और छात्र ही इन सभ्यताओं के निर्माण के कर्णधार : प्रो. अरविंद मोहन

 

लखनऊ, 29 जुलाई (हि.स.)। लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में बुधवार काे हिंदी तथा आधुनिक भारतीय भाषा विभाग द्वारा दीक्षोत्त्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के 69वें दीक्षांत समारोह के पूर्व विभाग द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजयी छात्रों के सम्मान एवं दीक्षांत सप्ताह के समापन के उपलक्ष्य में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. पवन अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। अध्यक्षता करते हुए कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. अरविंद मोहन ने कहा कि सभ्यताएं करवट लेती रहती हैं और छात्र ही इन सभ्यताओं के निर्माण के कर्णधार हैं। विशिष्ट अतिथि संस्कृति निदेशक प्रो. अंचल श्रीवास्तव ने कहा कि हिंदी विभाग सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ मिलकर निरंतर ऐसे आयोजन करता रहता है।

इसके बाद भाषण, निबंध और काव्य पाठ प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अलका पांडे ने किया और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. योगेंद्र प्रताप सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. हिमांशु सेन, प्रो. श्रुति, प्रो. ममता तिवारी, डॉ. सेंथिल कुमार, डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. सीमा यादव सहित शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

प्रतियोगिता परिणाम :

‘हिन्दी: लोकल से ग्लोबल’ विषय पर हुई भाषण प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार अनमोल तिवारी, द्वितीय कल्याणि विहंगा, तृतीय आशना चौरसिया और सांत्वना पुरस्कार सौम्या अवस्थी ने प्राप्त किया।

‘भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था कैसे बना?’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रेम प्रकाश मिश्रा (पीएचडी कोर्स वर्क), द्वितीय शुभम त्रिवेदी (परास्नातक), तृतीय आकाश कुमार प्रजापति (परास्नातक) और सांत्वना पुरस्कार अनमोल तिवारी (परास्नातक) ने प्राप्त किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्‍द्र पाण्डेय