संगम क्षेत्र बनेगा और आकर्षक, गंगा दशहरा से शुरू होगी नियमित संगम आरती

 


मेला क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, घाट विकास और आधुनिक सुविधाओं को लेकर मंडलायुक्त ने की समीक्षा

प्रयागराज, 22 मई (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध संगम नगरी प्रयागराज को वर्षभर धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल की अध्यक्षता में मेला कार्यालय स्थित आई ट्रिपल सी सभागार में आयोजित बैठक में मेला क्षेत्र के समग्र सौंदर्यीकरण, घाटों के विकास, संगम आरती के शुभारंभ तथा प्रयागराज मेला प्राधिकरण की वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मंडलायुक्त ने मेला क्षेत्र को वर्षभर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आकर्षक एवं सुविधायुक्त बनाने के उद्देश्य से परेड ग्राउंड और उससे जुड़े प्रमुख मार्गों के विकास की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। काली सड़क, त्रिवेणी मार्ग और लाल सड़क सहित प्रमुख मार्गों के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ जीटी जवाहर चौराहा और हर्षवर्धन चौराहे से मेला क्षेत्र तक भव्य प्रवेश मार्ग विकसित किए जाएंगे।

बैठक में संगम क्षेत्र और बड़े हनुमान मंदिर के आसपास व्यापक विकास कार्यों का खाका प्रस्तुत किया गया। इसके अंतर्गत वृक्षारोपण, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, पेंटिंग, बैठने की सुविधाएं, फूड कोर्ट, वेंडिंग जोन, पार्किंग, बच्चों के लिए मनोरंजन क्षेत्र, चेंजिंग रूम, सेल्फी प्वाइंट, स्मारिका केंद्र और सार्वजनिक सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। प्रयागवाल कॉलोनी और घाटिया कॉलोनी के सौंदर्यीकरण की भी योजना बनाई गई है।

गंगा दशहरा से नियमित होगी संगम आरती

एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत आगामी गंगा दशहरा से संगम क्षेत्र में प्रतिदिन नियमित आरती प्रारंभ की जाएगी। प्रारंभिक चरण में संगम क्षेत्र और बाद में किला घाट पर भी आरती का आयोजन होगा। श्रद्धालुओं को नौकाओं के माध्यम से सुरक्षित आरती दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था विकसित की जाएगी।

मंडलायुक्त ने घाटों की सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के लिए विस्तृत फेसलिफ्टिंग योजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही जल पुलिस को संगम आरती के सुरक्षित संचालन हेतु विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गंगा दशहरा के अवसर पर प्रयागराज मेला प्राधिकरण की नई वेबसाइट का शुभारंभ किया जाएगा। इस वेबसाइट पर माघ मेला, कुंभ मेला, धार्मिक आयोजनों और मेला क्षेत्र की गतिविधियों का वार्षिक कैलेंडर उपलब्ध रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवश्यक जानकारी एक ही मंच पर प्राप्त हो सकेगी।

इसके अतिरिक्त किला घाट पर स्मारिका केंद्र स्थापित करने, चेंजिंग रूम की संख्या बढ़ाने, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, घाटों पर बैरीकेटिंग, सुरक्षा जाल और नौकाओं के सुरक्षित संचालन के लिए समर्पित रिवर कॉरिडोर विकसित करने जैसे प्रस्तावों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।

बैठक में लिए गए निर्णयों से संगम क्षेत्र को वर्षभर जीवंत, सुरक्षित और पर्यटन की दृष्टि से अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में नई गति मिलने की उम्मीद है।

बैठक में जिलाधिकारी मनीष वर्मा, अपर पुलिस आयुक्त अजयपाल शर्मा, मेलाधिकारी ऋषिराज, नगर आयुक्त साई तेजा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल