शिवधनुष टूटते ही क्रोधित हुए परशुराम, लक्ष्मण से हुआ तीखा संवाद

 


औरैया, 31 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद में अजीतमल कस्बा स्थित वीरांगना अवंतीबाई शिशु मान्यता प्राप्त विद्यालय, भटा रोड बाबरपुर के स्कूल परिसर में करीब 30 वर्षों से चली आ रही परंपरागत रामलीला में सीता स्वयंवर, रावण-बाणासुर संवाद और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का जीवंत मंचन किया गया। कलाकारों के शानदार अभिनय और प्रभावशाली संवादों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रामलीला देखने के लिए दर्शक शुक्रवार पूरी रात डटे रहे और शनिवार को भोर तक पंडाल में उत्साह बना रहा।

रामलीला में सीता स्वयंवर के दौरान भगवान श्रीराम द्वारा शिवधनुष तोड़ते ही पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसी बीच 'तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा, आये भृगुकुल कमल पतंगा' चौपाई का सस्वर पाठ होते ही भगवान परशुराम क्रोधित मुद्रा में मंच पर पहुंचे। शिवधनुष टूटने की सूचना मिलते ही उनका क्रोध सातवें आसमान पर पहुंच गया। इसके बाद परशुराम और लक्ष्मण के बीच तीखे संवादों का ऐसा दौर चला कि दर्शक भावविभोर हो उठे। लक्ष्मण के व्यंग्यपूर्ण जवाब और परशुराम के क्रोधपूर्ण तेवरों ने मंचन में विशेष रोमांच भर दिया।

वहीं, सीता स्वयंवर के दौरान रावण-बाणासुर संवाद ने भी दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए नामी-गिरामी कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय, शानदार संवाद अदायगी और प्रभावशाली प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। बीच-बीच में हास्य कलाकार ने अपनी प्रस्तुतियों से खूब ठहाके लगवाए और तालियां बटोरीं। पूरी रात रामलीला स्थल पर दर्शकों की भीड़ जुटी रही।

कस्बा स्थित वीरांगना अवंतीबाई शिशु मान्यता प्राप्त विद्यालय में दशकों से आयोजित हो रही रामलीला क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का प्रमुख हिस्सा बनी हुई है। आयोजन के दौरान भी दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में अध्यक्ष सत्यनारायण सक्सेना, शेष नारायण सक्सेना, कृष्ण कुमार शुक्ला, राजेश गुप्ता, राजेंद्र सोनी, ओमपाल, रामकुमार जैन, दीपांशु, भोलू सहित तमाम युवाओं ने सहयोग कर व्यवस्थाएं संभालीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार