वृंदावन : शिष्य के निधन के 14 दिन बाद केली कुंज पहुंचे संत प्रेमानंद महाराज, फिर गुरुदेव के दर्शन कर लौटे यमुना विहार कुंज
मथुरा, 08 अक्टूबर(हि.स.)। उत्तर प्रदेश की कृष्ण नगरी वृंदावन में अपने शिष्य रसिक दुलारी शरण के निधन के 14 दिन बाद संत प्रेमानंद महाराज गुरुवार सुबह केली कुंज आश्रम पहुंचे। सुबह करीब सवा पांच बजे गाड़ियों के काफिले के साथ मांट के जहांगीरपुर खादर स्थित अपने एकांतवास (यमुना विहार कुंज आश्रम) से केली कुंज पहुंचने पर उनके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
वृंदावन परिक्रमा मार्ग में सुबह तड़के संत प्रेमानंद महाराज को देखकर भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई। अनुयायी उनकी एक झलक पाने के लिए गाड़ियों के पीछे दौड़ पड़े और पूरा मार्ग श्री हरिवंश तथा राधे-राधे के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। केली कुंज आश्रम में लगभग 20 मिनट रुकने के बाद, संत प्रेमानंद महाराज वाराह घाट स्थित अपने गुरु श्रीहित गौरांगी शरण महाराज के आश्रम पहुंचे। वहां करीब 20 मिनट रुककर गुरुदेव के दर्शन और नमन करने के बाद वे पुनः मांट स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम लौट गए।
गौरतलब है कि गत 25 सितंबर की सुबह उनके शिष्य रसिक दुलारी शरण ने गौ कृपा कुंज की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी, जिनका 26 सितंबर को यमुना किनारे अंतिम संस्कार किया गया था। इस घटना से जुड़े चार वीडियो भी सामने आ चुके हैं, वहीं घटना के नौवें दिन आश्रम प्रबंधन की ओर से आधिकारिक पत्र जारी कर गहरा दुख व्यक्त किया गया था। स्वास्थ्य कारणों और इस हादसे के बाद से महाराज यमुना पार एकांतवास में निवास कर रहे हैं।------------------
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार