विवेकपूर्ण ढंग से धन का उपयोग करें महिलाएं : कुलपति

 










गोरखपुर, 19 मार्च (हि.स.)। दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग एवं छात्र कल्याण संकाय के संयुक्त तत्वावधान में “महिला संकाय एवं स्टाफ हेतु वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम” का आयोजन विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल में किया गया। कार्यक्रम में लगभग 80 महिला शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी रही, जो इसकी सफलता का प्रमुख आधार बनी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने कहा कि हमें धन का उपयोग करना चाहिए, परंतु विवेकपूर्ण ढंग से—“हमें खर्च तो करना चाहिए, लेकिन समझदारी के साथ, तभी हम बचत के बारे में भी सोच सकते हैं।” उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और वित्तीय निर्णयों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य वक्ता के रूप में वित्तीय साक्षरता एवं क्षमता निर्माण विशेषज्ञ अबरार अहमद अब्बासी ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए वित्तीय स्वतंत्रता, निवेश की समझ तथा दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं को अपने वित्तीय लक्ष्यों को अल्पकालिक, मध्यमकालिक एवं दीर्घकालिक श्रेणियों में विभाजित कर उन्हें प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। साथ ही, चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) के महत्व को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया।

कार्यक्रम का स्वागत भाषण छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अनुभूति दुबे द्वारा दिया गया, जिसमें उन्होंने महिला सशक्तिकरण में वित्तीय साक्षरता की भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम का संचालन मनोविज्ञान विभाग की डॉ. गरिमा सिंह ने कुशलतापूर्वक किया।

इस अवसर पर विभिन्न विभागों से प्रो. सुनीता दुबे, प्रो. दिव्या रानी, प्रो. उषा सिंह,प्रो. शिखा सिंह, प्रो. नंदिता सिंह, प्रो. सुनीता मुर्मू, डॉ. अनुपमा कौशिक, डॉ. ज्योति बाला, डॉ. ममता चौधरी, डॉ. तुलिका मिश्रा, डॉ. अपर्णा पांडेय, डॉ. रितु, डॉ. अप्रा, डॉ. प्रियंका, डॉ. वंदना, डॉ. मोनालिसा, डॉ. प्रियंका गौतम, डॉ. विस्मिता, डॉ. रश्मि सहित अनेक शिक्षकों एवं कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के अंत में मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. धनंजय कुमार ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि इस कार्यक्रम का आयोजन छात्र कल्याण संकाय एवं मनोविज्ञान विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। यह कार्यक्रम Centre for Investment Education and Learning (CIEL), भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) तथा Association of Mutual Funds of India (AMFI) के सहयोग से संपन्न हुआ।

यह कार्यक्रम महिलाओं में वित्तीय जागरूकता को बढ़ावा देने एवं उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय