योगी सरकार की बड़ी पहल : लखनऊ के करीब 30 धार्मिक-ऐतिहासिक स्थलों का कायाकल्प पूर्ण

 


लखनऊ, 24 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पर्यटन को रफ्तार देने के लिए पर्यटन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2025-26 के दौरान शहर और इसके आसपास के करीब 30 प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास व सौंदर्यीकरण कार्य पूरे कर लिए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न सिर्फ लखनऊ की समृद्ध विरासत को नई पहचान मिली है, बल्कि शहर का पर्यटन स्वरूप भी अधिक आकर्षक और व्यवस्थित बनकर उभरा है। मंदिरों, घाटों और किलों सहित अन्य स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और पर्यटक सुविधाओं को बेहतर किया गया है। पर्यटन सुविधाओं के विकास से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को पहले से अधिक सुविधाजनक एवं सुखद अनुभव मिल सकेगा।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को बताया कि 'लखनऊ की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक समृद्धि को सहेजते हुए उसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। विशेष रूप से यूनेस्को 'क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी' के रूप में मिली पहचान ने लखनऊ को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाया है। हमारा प्रयास है कि लखनऊ अपनी विरासत, व्यंजन परंपरा और सुव्यवस्थित पर्यटन सुविधाओं के साथ देश-विदेश के पर्यटकों के लिए एक आदर्श गंतव्य बने।'

परियोजनाओं की पूर्णता से पर्यटन विकास को लगे पंख

लखनऊ में पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों के विकास को गति देते हुए विभिन्न परियोजनाओं के तहत कई प्रमुख स्थानों का कायाकल्प किया गया है। इसके अंतर्गत रिसालदार पार्क स्थित बौद्ध विहार, लालकुआं और कानपुर रोड के संत रविदास बारा बिरवा समेत बक्शी का तालाब क्षेत्र के ग्राम कठवारा स्थित ककरहा बाबा शिव मंदिर में घाट निर्माण व सौंदर्यीकरण कराया गया। गोमती नदी तट पर लल्लू मल घाट का विकास, कल्ली पश्चिम में पर्यटन विभाग की भूमि पर बाउंड्रीवाल निर्माण, महाराजा बिजली पासी किला पर ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था और एयरपोर्ट स्थित पर्यटन सूचना केंद्र का उच्चीकरण भी किया गया है। वहीं, मां चन्द्रिका देवी परिसर, अलीगंज स्थित श्री महावीर जी ट्रस्ट हनुमान मंदिर में मुख्य द्वार निर्माण के साथ मलिहाबाद के श्री गोपेश्वर परिसर, बुद्धेश्वर मंदिर, सरोजनी नगर के श्री रेतेश्वर महादेव शिव मंदिर, मोहनलालगंज के रहमतनगर स्थित शिव मंदिर, चौक की बड़ी काली जी मंदिर और चिनहट के छोहरिया माता मंदिर (बड़की देवी) का भी व्यापक रूप से सौंदर्यीकरण कर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

इसी क्रम में आलमबाग कोठी पर फसाड लाइटिंग, माल के ग्राम गान बरौली स्थित बाबा ब्रह्मादेव व हनुमान मंदिर, गोमती नगर विकल्प खंड-2 स्थित मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान, मवई विकासखंड के घटघटा बाबा तीर्थ स्थल, मोहान रोड का धुरधुरी तालाब, ऐशबाग रामलीला मैदान, चिनहट के ग्राम अनौराकला स्थित इमलीबान बाबा मंदिर, चंदर नगर गेट (आलमबाग भवन), कैंट क्षेत्र के छह स्थल, मनकामेश्वर उपवन घाट निर्माण और बीकेटी तहसील के ग्राम कुम्हरावां स्थित प्राचीन महाकालेश्वर मंदिर सहित कई प्रमुख स्थलों को विकसित किया गया है।

पर्यटकों को मिलेगा समग्र और बेहतर अनुभव- जयवीर सिंह

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'विकास कार्यों के जरिए लखनऊ की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि ऐसे पर्यटन स्थलों का विकास करना है जहां पर्यटकों को समग्र और बेहतर अनुभव मिल सके। इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।'

'लखनऊ में पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को मिला आधुनिक स्वरूप'

अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने बताया कि 'लखनऊ में पूर्ण हुई परियोजनाओं से पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक रूप मिला है। एयरपोर्ट पर्यटन सूचना केंद्र के उन्नयन के साथ मंदिरों, घाटों और सार्वजनिक स्थलों के विकास में पर्यटकों की सुविधा व सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। भविष्य में इन स्थलों को स्मार्ट और डिजिटल सुविधाओं से और अधिक सुसज्जित किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन