मुरादाबाद की बिलारी और कांठ सीएचसी पर 10-10 बेड की क्षमता वाले पोषण पुनर्वास केंद्र बनाए जाएंगे

 


- मंडलीय जिला अस्पताल में संचालित एनआरसी में 1148 बच्चों का किया गया है उपचार : सीएमओ

मुरादाबाद, 19 अक्टूबर (हि.स.)। पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त मंडलीय जिला चिकित्सालय (जिला अस्पताल) मुरादाबाद की तर्ज पर मुरादाबाद की बिलारी और कांठ सीएचसी पर भी 10-10 बेड की क्षमता वाले पोषण पुनर्वास केंद्र बनाए जाएंगे। इन पोषण पुनर्वास केंद्रों में गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जाएगा। भर्ती बच्चों की जरूरत के अनुसार उन्हें ससमय पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा। उपचार के दौरान बच्चों की सेहत भजन और पोषण स्तर में सुधार की भी निगरानी की जाएगी।

मुरादाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह ने सोमवार को बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र नर्क में आमतौर पर 14 दिन तक बच्चों को भारती रखकर उनका उपचार किया जाता है । जरूरत पड़ने पर गंभीर स्थिति वाले बच्चों के लिए भर्ती की अवधि बढ़ाई भी जा सकती है । बच्चों के साथ रहने वाली उनकी मां या देखभाल करने वाले तीमारदार को निर्धारित नियमों के अनुसार भत्ता भी दिया जाता है। इससे परिवार को बच्चों के उपचार के दौरान आर्थिक रूप से भी काफी मदद मिलती हैं।

सीएमओ के अनुसार केंद्र पर बच्चों की देखभाल के साथ माता को भी पौष्टिक भोजन स्तनपान और घर पर बच्चों के खान-पान से जुड़ी जानकारी दी जाएगी । उपचार के बाद बच्चों की नियमित जांच और वजन की निगरानी भी जरूरी होगी ताकि दोबारा कुपोषण की स्थिति न बने।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि मंडलीय जिला अस्पताल में संचालित एनआरसी में पिछले साढ़े चार साल में 1148 बच्चों का उपचार किया जा चुका है। यहां बच्चों के बेहतर उपचार के लिए बेड की संख्या भी बढ़ाई गई है। अब बिलारी और कांठ में पोषण पुनर्वास केंद्र स्थापित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर कुपोषित बच्चों को उपचार की सुविधा घर के समीप मिल सकेगी।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल