भविष्य के संघर्षों में हेलीकॉप्टर की परिचालन उपयोगिता के पूर्वानुमान पर संगोष्ठी
प्रयागराज, 11 मई (हि.स)। भविष्य के संघर्षों में हेलीकॉप्टर की परिचालन उपयोगिता का पूर्वानुमान के ऊपर एक संगोष्ठी का आयोजन सोमवार को किया गया। संगोष्ठी की मेजबानी एयर मार्शल बी मणिकण्ठन पीवीएसएम एवीएसएम वीएम वायु अफसर कमांडिंग-इन-चीफ ने किया।
यह जानकारी रक्षा मंत्रालय, प्रयागराज के पीआरओ ने देते हुए बताया कि संगोष्ठी का आयोजन तीन सत्रों में किया गया। इसका प्रारम्भ वायु अफसर कमांडिंग इन चीफ के उद्घाटन सम्बोधन तथा एयर मार्शल अरविंद सिंह बुटोला पीवीएसएम वीएसएम वीएम (सेवानिवृत्त), अध्यक्ष रोटरी विंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के मुख्य व्याख्यान से हुआ।
उन्होंने बताया कि इस संगोष्ठी के दौरान, संघर्षों का क्रम विकास, युद्ध क्षेत्र की बदलती परिस्थितयों पर हेलीकॉप्टर का प्रभाव, उग्रवाद विरोधी अभियान या शहरी युद्ध पद्धिति में हेलीकॉप्टर की भूमिका, असममित (असमान) युद्ध पद्धति, स्वचालित डिलीवरी प्रणाली और भविष्य की सैन्य सिद्धांत समीक्षा, भावी युद्ध क्षेत्रों के लिए क्षमता विकास आदि विषयों पर चर्चा की गई।
विशिष्ट वक्तागणों में एयर मार्शल एस पी वागले पीवीएसएम वीएम (सेवानिवृत्त), एवीएम राजेश इस्सर एवीएसएम वीएम (सेवानिवृत्त), एवीएम एस के तिवारी, एवीएम ए आर शिंदे वीएम, प्रोफेसर बी गोविंद राजन के साथ अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। इस संगोष्ठी से भारत की सैन्य शक्ति और हेलीकॉप्टरों की विभिन्न भूमिकाओं के अनुरूप इसके विकास की गहरी समझ प्राप्त हुई।
पीआरओ ने बताया कि इस संगोष्ठी का समापन एयर मार्शल नागेश कपूर एसवाईएसएम पीवीएसएम एवीएसएम वीएम उप वायुसेनाध्यक्ष-वायु परिचालन महानिदेशक के समापन भाषण तथा एयर मार्शल पीवी शिवानंद एवीएसएम वीएम वरिष्ठ वायु स्टाफ अफसर मध्य वायु कमान मुख्यालय के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने बताया कि यह संगोष्ठी एक उत्कृष्ठ विचार-मंथन सत्र साबित हुआ और भविष्य के संघर्षों में हेलीकॉप्टरों की परिचालन क्षमता के बारे में दूरदर्शितापूर्ण दृष्टिकोण प्रदान किया। सेवाकार्मिकों के बीच व्यापक प्रचार के लिए इस संगोष्ठी को-एएफनेट वेब (संवाद) पर भी होस्ट किया गया।
इस संगोष्ठी में सेवानिवृत्त एयर चीफ मार्शल एफएच मेजर पीवीएसएम एवीएसएम एससी वीएम एडीसी तथा एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय, वायु सेना मुख्यालय और कमान मुख्यालयों के बड़ी संख्या में वरिष्ठ सेवारत अधिकारियों, आईआईटी मद्रास के शिक्षाविद और भूतपूर्व वायुयोद्धा बड़ी संख्या में सेवारत अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र