फसल अवशेषों काे आग के हवाले न कर खेताें में ही सड़ा कर बनाएं खाद : डॉ. अजय सिंह

 


कानपुर, 13 जनवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में कंपनी बाग़ स्थित चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र दलीप नगर की तरफ से फसल अवशेष प्रबंधन पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का बतौर मुख्य अतिथि केंद्र के प्रभारी डॉ अजय कुमार सिंह द्वारा शुभारंभ किया गया। यह जानकारी सीएसए के मीडिया प्रभारी डॉ खलील खान ने दी।

मुख्य अतिथि केंद्र के प्रभारी डॉ अजय कुमार सिंह ने कार्यक्रम में किसानों को फसल अवशेषों को न जलाने के लिए जागरूक करते हुए कहा कि किसानों को फसल अवशेषों में आग न लगाकर उन्हें खेत में सड़ा कर ही खाद बनाएं। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बरकरार रहेगी।

गृह वैज्ञानिक डॉ निमिषा अवस्थी ने कहा कि फसल अवशेषों में आग लगने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। इसके साथ ही मनुष्य का स्वास्थ्य भी काफी हद तक प्रभावित होता है। इसमें बच्चे बुजुर्ग व गर्भवती महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित होती हैं।

उन्होंने बताया कि जनपद में धान व गेहूं का फसल चक्र मुख्य है। जिससे काफी मात्रा में फसल अवशेष होता है। आग लगने से मृदा में सूक्ष्म जीवाणु नष्ट हो जाते हैं।

डॉक्टर खलील खान ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों का जागरूक होना अति आवश्यक है। कार्यक्रम का सफल संचालन वैज्ञानिक डॉ. राजेश राय द्वारा किया गया।

इस मौके पर शुभम यादव सहित प्रगतिशील किसान सुनील कुमार, जगदीश कुमार, दिनेश कुमार, राम सजीवन, पप्पी देवी एवं पुष्पा देवी सहित 25 किसानों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

हिन्दुस्थान समाचार / मो0 महमूद