फर्रुखाबाद: तहसील सदर में भ्रष्टाचार को लेकर भड़के अधिवक्ता, बैठक कर दी आंदोलन की चेतावनी
फर्रुखाबाद,25 अप्रैल( हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में सदर
तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध अधिवक्ताओं में आक्रोश की चिंगारी भड़क गई। शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता दया शंकर तिवारी के चैम्बर में वकीलों की अनौपचारिक बैठक में तहसील प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी गयी, यदि भ्रष्टाचार पर लगाम न लगा तो वकील आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
बैठक में नियमत: वादों की सुनवाई न होना, सुनवाई के बाद महीनों आदेश पारित न होना, बाहरी व अनाधिकृत कर्मचारियों की न्यायालयों, कार्यालयों व पटलों पर अनियमिततापूर्वक कार्य करने पर रोष व्यक्त किया गया।
अधिवक्ता अनुराग तिवारी ने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के चलते वादकारियों को सालों चक्कर लगाने पड़ते हैं। तारीख पर तारीख की परम्परा से वादीकारी व अधिवक्ता हलकान हैं, अब इन अनियमितताओं के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना ही होगा।
पंकज राजपूत एडवोकेट ने कहा कि नियम विरुद्ध व मनमानी ढंग से आदेश पारित कर दिया जाता है फिर उसमें वर्षों संशोधन नहीं होता, जिससे अधिवक्ता व वादकारी दोनों परेशान होते हैं। उन्होंने कहा कि हमने काला कोट न्याय की लड़ाई के लिए पहना, लेकिन हम खुद अन्याय और भ्रष्टाचार सह रहे हैं।
उन्होंने कहा तहसील बार एसोसिएशन निष्क्रिय है, जिसके कारण अधिकारी बेलगाम हैं, हम हलकान हैं और भ्रष्टाचार से तहसील कार्यालय की पहचान है, जो बेहद चिन्ता का विषय है।
वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने कहा कि कायमगंज अधिवक्ता संघ द्वारा समर्थन मांगा गया है, उनकी मांगों का हम अध्ययन कर जल्द निर्णय लेंगे। हम इस संबंध में जल्द निर्णय लेंगे।
इस अवसर पर अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी, अनुराग तिवारी, प्रवीन सक्सेना, अजय प्रताप सिंह, भानु प्रताप सिंह, पंकज राजपूत, महेन्द्र प्रताप सिंह, रमेश यादव, रवनेश यादव, मंजेश कटियार, जनार्दन राजपूत, राजीव चौहान, प्रदीप सक्सेना, प्रघुम्न कुमार गुप्ता, प्रकाश द्विवेदी, जितेन्द्र सक्सेना, मुन्ना यादव, गोविन्द अवस्थी, सन्तोष सक्सेना, दिलीप सक्सेना, योगेश दीक्षित (सभी एडवोकेट) सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar