पराली प्रबंधन के लिए किसानों को मिली बैटरी मशीनें, लागत घटाने पर जोर : डॉ. वी.के. त्रिपाठी

 


कानपुर, 07 अप्रैल (हि.स.)। पराली जलाने की समस्या को कम करने और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए मंगलवार को बैटरी चलित मशीनों का वितरण किया गया। इन मशीनों के उपयोग से किसान आसानी से खेतों में पराली प्रबंधन कर सकेंगे और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देंगे। इससे खेती की लागत घटेगी और कार्यक्षमता बढ़ेगी। किसानों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। यह बातें मंगलवार को प्रसार निदेशक डॉ. वी.के. त्रिपाठी ने कही।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए)कानपुर के अधीन कृषि विज्ञान केंद्र, दिलीप नगर में प्रसार निदेशालय की ओर से संचालित योजना के अंतर्गत बैटरी चलित ‘ई-ब्रश कटर’ मशीनों का वितरण किया गया। इस दौरान जनपद के रसूलाबाद और राजपुर विकासखंड के किसानों को कुल 100 मशीनें प्रदान की गईं।

कार्यक्रम में विकल्प संस्था के अनंत चतुर्वेदी ने बताया कि इन मशीनों की मदद से गेहूं, धान, चना, उर्द, मूंग और सरसों जैसी फसलों की कटाई के साथ-साथ खेतों में उगी जंगली घास की सफाई भी आसानी से की जा सकती है। उन्होंने बताया कि एक श्रमिक आठ से 10 घंटे में एक एकड़ खेत की कटाई कर सकता है, जिससे प्रति एकड़ लगभग 2000 से 2500 रुपये तक की बचत संभव है। यह मशीन ऑफ सीजन में खरपतवार नियंत्रण के लिए भी उपयोगी है।

कार्यक्रम में केंद्र प्रभारी डॉ. ए.के. सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न वैज्ञानिकों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. खलील खान ने किया, जबकि अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अरुण कुमार सिंह ने दिया।----------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप