नवाचार से विकसित भारत का सपना साकार करेंगे युवा : आनंदीबेन पटेल

 


ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के 11वां दीक्षांत समारोह का आयाेजन

लखनऊ, 08 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बुधवार को ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय लखनऊ के 11वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि युवा ज्ञान, संस्कार और नवाचार से विकसित भारत का सपना साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसे उत्तरदायी, संवेदनशील और संस्कारित नागरिक तैयार करना है जो समाज, राष्ट्र और मानवता के कल्याण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में युवाओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है और इसके लिए ज्ञान, नवाचार, नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति तथा सामाजिक उत्तरदायित्व का समन्वय आवश्यक है।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में राज्यपाल ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि सभ्यता, संस्कृति और ज्ञान की वाहक है। विश्वविद्यालय द्वारा संस्कृत, पाली, हिन्दी, उर्दू, फ़ारसी, अंग्रेज़ी के साथ-साथ जर्मन, जापानी, चीनी, फ्रेंच तथा अवधी भाषा के अध्ययन की दिशा में किए जा रहे प्रयास इसकी विशिष्ट पहचान हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपनी शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का माध्यम बनें तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें।

आनंदीबेन ने कहा कि मुझे विशेष संतोष है कि विगत एक वर्ष में विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न संस्थानों के साथ 71 समझौता-ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की वैश्विक स्वीकार्यता, शैक्षिक उत्कृष्टता और अनुसंधान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का परिचायक है। कुलाधिपति ने विद्यार्थियों को अपनी भाषा और भारतीय भाषाओं के सम्मान एवं संवर्धन करने ज्ञान का उपयोग समाज के लिए और जीवन में सत्य, संवेदना, करुणा और नैतिकता को सर्वोच्च स्थान देने का संकल्प दिलाया।

युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी आधारशिला: सुधांशु त्रिवेदी

समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार अर्जित करना नहीं, बल्कि ज्ञान, इच्छा और कर्म का समन्वय स्थापित कर एक श्रेष्ठ व्यक्तित्व का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे युवा राष्ट्र है और यही युवा शक्ति विकसित भारत की सबसे बड़ी आधारशिला है। भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत तथा आधुनिक विज्ञान के समन्वय से भारत विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नवाचार, उद्यमिता तथा सामाजिक उत्तरदायित्व को अपने जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि एवं प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर नई पहचान स्थापित कर रहा है। कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि सत्र 2025-26 में आयोजित परीक्षाओं में 1270 विद्यार्थियों में से 1236 विद्यार्थी सफल हुए तथा 11वें दीक्षांत समारोह में कुल 125 मेधा पदक प्रदान किए गए, जिनमें 54 स्वर्ण पदक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में विश्वविद्यालय 98 शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित कर रहा है तथा विदेशी विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए ‘स्टडी इन इंडिया’ पोर्टल पर पंजीकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने अब तक 71 राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध, नवाचार एवं अधोसंरचनात्मक उपलब्धियों का विवरण रखा। कार्यक्रम का संचालन डॉ नीरज शुक्ल ने किया।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन