देश के सभी जिला केन्द्रों पर 18 जून को प्रदर्शन करेगा राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ

 


लखनऊ,12 जून (हि.स.)। सेवारत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने राष्ट्रव्यापी आन्दोलन का ऐलान किया है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ देशभर में सभी जिला केन्द्रों पर 18 जून को विशाल प्रदर्शन करेगा। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को संबोधित ज्ञापन जिला अधिकारियों को सौंपा जायेगा। यह जानकारी राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष प्रो. संजय मेधावी ने दी। वह शुक्रवार को प्रेसक्लब में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

प्रो. संजय मेधावी ने बताया कि संसद के मानसून सत्र से पहले राज्यसभा एवं लोकसभा सांसदों को राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से ज्ञापन भेजकर आग्रह किया जायेगा कि देश के विभिन्न् राज्यों में 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों एवं उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने की दिनांक 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के संबंध में विशेष प्रावधान करते हुए उनके सेवा अधिकारों, वरिष्ठता,पदोन्नति तथा अन्य वैधानिक लाभों की रक्षा के लिए आवश्यक विधायी,नीतिगत अथवा प्रशासनिक कदम शीघ्र उठाए जाएं। वर्तमान समय में देशभर के लाखों शिक्षकों में गहरी चिंता,पीड़ा एवं असुरक्षा की भावना है।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के महामंत्री जोगेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि 18 जून को उत्तर प्रदेश के सभी जिला केन्द्रों पर प्रदर्शन होगा। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन भेजकर 27 जुलाई 2011 से पूर्व सेवारत शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की मांग करेगा।

जोगेन्द्र पाल सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्तियां उस समय प्रभावी नियमों एवं पात्रताओं के अनुरूप वैध थीं। बाद में निर्धारित पात्रता को पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू करना न्यायोचित नहीं है। इन शिक्षकों ने वर्षों से राष्ट्र निर्माण,गुणवत्तापूर्ण शिक्षा,सामाजिक चेतना एवं चरित्र निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन