देवरिया पहुंची अविमुक्तेश्वरानंद की गविष्टि यात्रा, गौ संरक्षण का दिया संदेश

 

देवरिया, 05 मई (हि.स.)। ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गौ संरक्षण के प्रति जनजागरूकता लाने के लिए गविष्टि यात्रा मंगलवार की शाम देवरिया पहुंच गई। जिले में शंकराचार्य के प्रवेश करने पर विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।

शंकराचार्य का बरहज विधानसभा क्षेत्र में सोनूघाट चौराहे पर स्थानीय गाे सेवकाें और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने स्वागत किया। इस दाैरान लोगों ने पुष्प वर्षा कर शंकराचार्य का अभिनंदन किया। यहां शंकराचार्य ने गौ रक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा, “गाय का खून और दूध एक पात्र में नहीं रह सकता, उसी प्रकार गौ हत्यारों का समर्थन करने वालों और गौ सेवकों की विचारधारा साथ नहीं चल सकती।” उन्होंने समाज में बढ़ती वैचारिक विभाजन की प्रवृत्ति पर चिंता जताई।

शंकराचार्य ने कहा कि एक वर्ग गौ सेवा को धर्म मानता है, जबकि दूसरा वर्ग केवल स्वार्थ की राजनीति में उलझा हुआ है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे ऐसे जनप्रतिनिधियों और दलों का समर्थन करें, जो गौ संरक्षण के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने के प्रति प्रतिबद्ध हों।

उन्होंने गौशालाओं और “गौ धाम” की स्थापना पर भी विशेष बल दिया और इसके लिए जनसहयोग को अनिवार्य बताया। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से सहयोग राशि देने और हर विधानसभा से एक प्रतिनिधि चुनकर गौ संरक्षण के कार्य को मजबूत करने की अपील की। शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि जो भी राजनीतिक दल गौ हत्या पर प्रतिबंध और गौ माता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने की दिशा में काम करेगा, समाज उसका समर्थन करेगा। उनके इस बयान के बाद क्षेत्र में सियासी हलचल तेज हो गई है और यात्रा को लेकर चर्चाएं भी बढ़ गई हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक