दिव्यांग बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध करा रही है याेगी सरकार : नरेन्द्र कश्यप

 


लखनऊ, 21 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप की अध्यक्षता में दिव्यांगता पर गठित ‘राज्य सहालकार बोर्ड’ की 08वीं बैठक मंगलवार को लखनऊ स्थित योजना भवन के ‘वैचारिकी’ सभा कक्ष में आयोजित हुई।

मंत्री कश्यप ने बताया कि राज्य सलाहकार बोर्ड का उद्देश्य दिव्यांगजन अधिकारों की निगरानी करना, समावेशी विकास को गति देना, विभागीय नीतियों व कार्यक्रमों का मूल्यांकन, दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा तथा उन्हें शासकीय योजनाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ दिलाना है। बैठक में पूर्व बैठक की कार्यवृत्ति तथा उस पर की गई अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गयी। मंत्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदेश भर में मण्डल एवं जनपद स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जाए, जहां पात्र दिव्यांगजन को समस्त सरकारी योजनाओं की जानकारी एवं उसको मिलने वाले लाभ से अवगत कराया जा सकें। ज़िला दिव्यांग अधिकारी व्यावहारिक रूप से रूचि लेते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को नियमानुसार विकास प्राधिकरणों (यूपीडा व औद्योगिक प्राधिकरणों) द्वारा दुकानों के आवंटन में 03 प्रतिशत के स्थान पर 05 प्रतिशत का आरक्षण लागू करें, जों कि बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था। खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों में दिव्यांगजनों को प्राथमिकता की स्थिति पर चर्चा हुई।

उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के समग्र विकास एवं उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश सरकार का उद्देश्य प्रत्येक दिव्यांग बच्चे को उसकी आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वह आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सके।

विभाग द्वारा कुष्ठावस्था पेंशन योजना के माध्यम से भी पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हो सके। इसी प्रकार यूनीक डिसएबिलिटी आईडी (यू0डी0आई0डी0) कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाया गया है। यूडीआईडी कार्ड के माध्यम से दिव्यांगजन विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग समय-समय पर मण्डलों व जनपदों में विशेष शिविरों का आयोजन कर पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण, चिकित्सकीय परीक्षण तथा आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरणों का वितरण कराया जाना सुनिश्चित करें तथा इन शिविरों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों को भी सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करें ताकि वे इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्‍द्र पाण्डेय